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सुल्तानपुरी के लिए आर-पार की लड़ाई:कसौली विधानसभा सीट फिर कड़ी टक्कर को सैजल- सुल्तानपुरी आमने-सामने, कांग्रेस में गुटबाजी

सोलन2 महीने पहले
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डॉ. राजीव सैजल, भाजपा उम्मीदवार। - Dainik Bhaskar
डॉ. राजीव सैजल, भाजपा उम्मीदवार।

हिमाचल के सोलन जिला की कसौली विधानसभा सीट पर इस बार आर-पार की लड़ाई है। कभी कांग्रेस के गढ़ रहे इस क्षेत्र में पिछले तीन विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। पिछले दो चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर हुई है। इस बार फिर वही उम्मीदवार आमने-सामने हैं।

सैजल ने नहीं बदली सीट

डॉ. राजीव सैजल इस सीट पर लगातार तीन बार चुनाव जीते हैं। उन्हें इसका इनाम प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बना कर दिया गया। इस बार कुछ मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्र बदलने में उनका नाम भी था। उन्हें सोलन सीट से उतारने की बात हुई। आखिर में उन्हें भाजपा ने फिर कसौली से ही उतारने में बेहतरी समझी।

सुल्तापुरी का आखिरी चांस

विनोद सुल्तापुरी इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। इस बार फिर से उन पर पार्टी ने इसलिए विश्वास जताया क्योंकि वे पिछले दोनों चुनाव मामुली अंतर से हारे थे। 2012 के चुनाव में सिर्फ 24 वोट से हारे तो 2017 में भी 442 वोट से हार मिली। उनकी हार की बड़ी वजह यहां पार्टी के अंदर गुटबाजी को माना जाता है।

विनोद के पिता कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी शिमला संसदीय सीट से लगातार 6 बार सांसद बने थे। अपनी ही पार्टी के एक गुट के उनके खिलाफ काम करने के कारण विनाेद को हार का सामना करना पड़ा। इस बार भी इस गुट ने दो बार चुनाव हारने जा हवाला देते हुए विनोद का टिकट काटने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन केंद्र में अपनी पहुंच के चलते विनोद फिर टिकट ले आए।

AAP ने उतारा है हरमेल को

कसौली सीट पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा से आए हरमेल धीमान को टिकट दिया है। वे पहले भाजपा से टिकट मांगते रहे हैं। धीमान के जाने से पार्टी के अंदर सैजल की काट करने वाला नहीं रहा।

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