राजेश कश्यप और धनीराम शांडिल ने भरा नामांकन:सोलन सदर सीट पर फिर से ससुर-दामाद आमने-सामने, राजेश कश्यप ने ली चुटकी

सोलन2 महीने पहले

हिमाचल की सोलन सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. राजेश कश्यप और कांग्रेस से उम्मीदवार कर्नल धनीराम शांडिल ने अपना नामांकन भर दिया है। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि आशीर्वाद तो जनता ने देना है। रिश्तेदारी में न तो आज तक मेरा आशीर्वाद खंडित हुआ और न कभी होगा। चुनाव तो धर्मयुद्ध है। हाई कमान का आदेश है उस अनुसार मैं चुनाव लड़ रहा हूं।

गौरतलब है कि सुबह भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेश कश्यप ने कहा था कि वो अपने ससुर से जीत का आशीर्वाद लेंगे व चुनाव मैदान में उतरेंगे। उसी का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ये धर्मयुद्ध है और इसमें वो आमने- सामने हैं।

भाजपा उम्मीदवार डॉ. राजेश कश्यप।
भाजपा उम्मीदवार डॉ. राजेश कश्यप।

वहीं नामांकन पत्र दाखिल करने के समय भाजपा उम्मीदवार डॉ. राजेश कश्यप ने कहा कि इस बार जीत के लिए ससुर से भी लेंगे आशीर्वाद।

बता दें कि कर्नल धनीराम शांडिल नामांकन दाखिल करने से पहले शूलिनी माता मंदिर पहुंचे, जहां माता का आशीर्वाद लेने के बाद लोक निर्माण विभाग के रैस्ट हाउस के पास से रैली के रूप में DC ऑफिस के पहुंचे और नोमिनेशन करवाने के बाद मीडिया से रुबरू हुए।

दोनों के बीच पिछली बार भी हुई है टक्कर

कर्नल शांडिल और डॉ. राजेश के बीच ससुर-दामाद का रिश्ता है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों की टक्कर हो चुकी है। तब चुनाव से ठीक पहले डॉ.राजेश कश्यप डॉक्टरी की सरकारी नौकरी से वीआरएस लेकर अचानक भाजपा का टिकट लेकर अपने ससुर के सामने खड़े हो गए। दोनों के बीच कड़ी टक्कर हुई। मतगणना में भी आखिरी रॉउंड तक बराबरी चलती रही। अंत में कर्नल शांडिल ने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर डॉ. राजेश काे 671 वोट से हराया।

डॉ. राजेश को फिर टिकट

इस बार सोलन सीट पर भाजपा की टिकट के लिए बड़ी जदोजहद हुई। पार्टी का एक आखिरी समय तक डॉ. राजेश कश्यप का टिकट काटने के लिए जोर लगाता रहा। इसके बावजूद वे टिकट लेने में कामयाब रहे। इसका बड़ा कारण यही रहा कि वे पार्टी की ओर से करवाए गए सर्वे में आगे रहे थे।

शांडिल का टिकट पक्का देख, दूसरे दावेदारों ने बदले पाले

कर्नल शांडिल की जगह दूसरे दावेदार भी कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे। पलक राम कश्यप ने तो इसके लिए बाकायदा प्रैस कॉन्फ्रेस तक की थी। पलक राम ने कर्नल शांडिल की उम्र का हवाला देते हुए अपने या बहू अमृता कश्यप के लिए टिकट मांगी थी। शांडिल का टिकट पक्का देखकर दूसरे दावेदारों ने पाला बदल लिया। पहले विनोद कुमार और अंजु राठौर ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाॅइन की, फिर पलक राम भी आप में शामिल हो गए। अब वहां भी टिकट न मिलने पर विनोद कुमार और पलक राम आप भी छोड़ रहे हैं।

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