अवैध खनन पर अंकुश लगाने में विफल विभाग:गोइलकेरा नदी घाटों से अवैध बालू का खनन कर पहुंच रहा चक्रधरपुर

चक्रधरपुर2 महीने पहले
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गोइलकेरा और गुदड़ी के नदी घाटों से अवैध खनन जारी है। वहीं हाइवा और ट्रैक्टरों से चक्रधरपुर लाया जा रहा है। प्रत्येक दिन 25 से 30 वाहनों से अवैध बालू चक्रधरपुर पहुंच रहा है। गोइलकेरा और गुदड़ी के नदी घाटों से बालू के अवैध खनन पर अंकुश लगा पाने में पुलिस प्रशासन और खनन विभाग नाकाम साबित हो रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए यहां बालू का अवैध खनन और परिवहन निरंतर जारी है। बालू माफिया पुलिस-प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं।

नित नए तरकीब निकाल कर वे अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार ओड़िशा के जराइकेला से चालान लाकर कोयल नदी के बालू का अवैध परिवहन किया जा रहा है। प्रतिदिन दो दर्जन से ज्यादा हाइवा वाहनों से गोइलकेरा से चक्रधरपुर तक बालू की ढुलाई की जा रही है। ये बालू कोयल नदी से निकालकर स्टॉक किया जाता है। गोइलकेरा के दलकी, पटनिया और आनंदपुर के इचापीड़ से ओड़िशा का चालान दिखाकर बालू का अवैध परिवहन किया जा रहा। इसे रोकने की जिम्मेदारी अंचल कार्यालय और जिला खनन विभाग पर है।

ट्रैक्टरों पर कार्रवाई, बड़े वाहनों को छूट

अवैध खनन और परिवहन को लेकर गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस एक तरफ बालू के खनन व परिवहन में लगे ट्रैक्टरों की धरपकड़ में लगी हुई है, लेकिन दूसरी ओर भारी वाहनों, हाइवा और ट्रकों से बालू की अवैध ढुलाई जारी है। इनके खिलाफ कोई जांच नहीं की जा रही। बताया जा रहा है कि ट्रकों से बालू परिवहन करने वाले माफिया नेता और मंत्रियों के सरंक्षण में इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं।

चालान दिखाने के बावजूद जीएसटी की चोरी

बालू माफिया ट्रकों से परिवहन का चालान तो दिखा रहे, लेकिन इसमें जीएसटी की चोरी भी खुलेआम की जा रही है। पिछले दिनों गोइलकेरा में हाइवा वाहनों को रोककर कागजातों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था। अधिकांश वाहनों में बालू की खरीद पर जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया था। वहीं कुछ वाहनों में बालू की कीमत कम दिखा भुगतान किया गया था।

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