टाटा स्टील में इसी माह मिलेगा बोनस:पिछले साल 13606 करोड़ मुनाफे पर मिला था 270.84 करोड़ बोनस, इस साल लाभ 40000 करोड़

जमशेदपुर2 महीने पहले
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टाटा स्टील को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13606.69 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। - Dainik Bhaskar
टाटा स्टील को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13606.69 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।

टाटा स्टील में इस माह तक बोनस समझौता हो जाएगा। इसके लिए यूनियन की ओर से पहल शुरू कर दी गई है। टाटा स्टील को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13606.69 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ और कर्मचारी को बोनस मद में 270.84 करोड़ रुपए मिले थे। इस प्रदर्शन को और आगे बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी ने रिकॉर्ड करीब 40 हजार करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया है। इस तरह पुराने फार्मूला के अनुसार करीब 800 करोड़ रुपए कंपनी को बोनस देने पड़ सकते है।

हालांकि यूनियन व प्रबंधन के बीच 2017 में बोनस के लिए बनाए गए फार्मूला की अवधि 2020 में ही समाप्त हो गई है। लेकिन पिछले साल कोरोना का हवाला देकर यूनियन की ओर से पूर्व समझौता के तहत बोनस देने का आग्रह किया जिसे प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया। लेकिन इस बार स्थितियां बदल गई है। कोरोना लगभग समाप्त हो चुका है। कंपनी के मुनाफे में लगभग तीन गुणा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं वर्तमान में स्टील उद्योग के सामने अन्य कई विपरीत परिस्थितियां भी हैं। एेसे में प्रबंधन पूर्व के फार्मूले को स्वीकार करेगा, यह यूनियन की बार्गेनिंग क्षमता पर निर्भर करेगा।

टाटा स्टील की परंपरा के अनुसार कंपनी के एजीएम के बाद यूनियन की ओर से बोनस समझौते के लिए प्रबंधन को पत्र भेजा जाता है। यूनियन की ओर से एजीएम के बाद पत्र भेजा चुका है। लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक कोई पहल नहीं होने पर कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ रही है। यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी भी शहर से बाहर थे। लेकिन मंगलवार को उनके शहर लौटने के साथ बोनस वार्ता की कवायद तेज हो गई है।

पिछले वर्ष 18 अगस्त को बोनस समझौता हुआ था। यूनियन इसी के आसपास बोनस समझौता करना चाहता है। इस बार बोनस के लिए नया फार्मूला भी बनाना है। ऐसे में बोनस में देरी होने पर कर्मचारी नाराज हो सकते हैं। इससे बचने के लिए यूनियन का प्रयास है कि अगस्त में कर्मचारियों को एक लमसम एमाउंट दे दिया जाए और दो महीने में फार्मूला तय कर शेष राशि दी जाएगी।

  • टाटा स्टील की परंपरा के अनुसार कंपनी के एजीएम के बाद यूनियन की ओर से बोनस समझौता के लिए प्रबंधन को पत्र भेजा जाता है। यूनियन की ओर से एजीएम के बाद पत्र भेजा चुका है।

"पिछले साल सबसे पहले 18 अगस्त को टाटा स्टील में ही बोनस समझौता हुआ था। इस साल भी हमारी कोशिश है कि इस तिथि के आसपास समझौता हो ताकि समय से बोनस राशि मिल जाए। यूनियन अध्यक्ष शहर से बाहर थे लेकिन अब वे आ गए हैं। जल्द वार्ता शुरू होगी।"

-सतीश सिंह, महामंत्री, टाटा वर्कर्स यूनियन

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