श्रावण मास:हाक्यूम से जल भरकर भक्त मुर्गा महादेव के चले दरबार

चाईबासा2 महीने पहले
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श्रावण माह की अंतिम सोमवारी पर मुर्गा महादेव तथा शहर के विभिन्न शिवालयों में कांवरिया हाक्यूम मंदिर से गंगा जल भरकर भारी संख्या में पदयात्रा कर सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर शहर के सभी शिवालय सज-धज कर तैयार हो गए हैं। भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर मंदिर प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था की गई है। वहीं जगह-जगह शिव भक्तों के लिए सेवा समिति द्वारा शिविर लगाया गया है। जगन्नाथपुर में भाई जी सेवा समिति तो झींकपानी, कोठगढ़ में श्री बोल बम सेवा समिति ने शिविर लगाया है।

शिवालय मंदिरत्नजुबिली तलाब के पास स्थित शिवालय मंदिर शहर के पुराने मंदिरों में एक है। यहां श्रावण माह में भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। शिवरात्रि के दिन शिव जी की बरात झांकी के रूप में शहर में निकाली जाती है। जुबिली व शिवालय तालाब के अलावा आसपास स्थिति घने वृक्षों के कारण यहां का वातावरण मनोरम है।

मंदिरत्नरोरो नदी के किनारे स्थापित करनी मंदिर सौ साल से भी पुराना है। यहां पर तीन दशक पूर्व स्थापित शिव मंदिर की महिमा अलग है। श्रावण में यहां भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। घंटे करतालों के ध्वनि के बीच शिवलिंग पर जल चढ़ाने की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर का मनोरम दृश्य भक्तों को आकर्षित करता है।

श्मशान घाट शिव मंदिर

अपनी अलग पहचान के लिए श्मशान घाट शिव मंदिर जाना जाता है। रोरो नदी के किनारे स्थापित इस मंदिर में सालों भर भक्तों का तांता लगा रहा है। यहां शिव मंदिर व बगल में स्थापित काली मंदिर को लोग शक्तिपीठ के रूप में भी मानते हैं। अपनी मन्नत पूरी होने पर यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है। भक्तों द्वारा खिचड़ी भोग का आयोजन किया जाता है। सिद्धेश्वर मंदिरत्नशहर के नीमडीह स्थित सिद्धेश्वर मंदिर की भी अपनी एक अलग पहचान है। यह क्षेत्र अब मंदिर के नाम से अधिक जाने जाने लगा है। यहां कतार में लगे लोगों को घंटों पूजा करने के लिए इंतजार करना पड़ता है।

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