पानी के लिए अनोखा जुगाड़:न मोटर की जरूरत न बिजली की, 400 फीट ऊंचे पहाड़ से पाइप के जरिए हड़ियान के 500 लोगों तक 24 घंटे पहुंच रहा पानी

जमशेदपुर2 महीने पहलेलेखक: पवन मिश्र/ रोहित सिंह
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पहाड़ों से रिसने वाला पानी इकट्ठा होता है। उक्त चुआं और गड्ढे में प्लास्टिक का पाइप डाल पानी गांव तक पहुंचाया जाता है। - Dainik Bhaskar
पहाड़ों से रिसने वाला पानी इकट्ठा होता है। उक्त चुआं और गड्ढे में प्लास्टिक का पाइप डाल पानी गांव तक पहुंचाया जाता है।

ये है जमशेदपुर की गुड़ाबांदा पंचायत का हड़ियान गांव। यहां के ग्रामीणों ने 24 घंटे पानी के लिए अनोखा जुगाड़ किया है। करीब 400 फीट ऊंटे पहाड़ से ग्रामीणों ने पाइप के माध्यम से तीन किमी दूर गांव तक पानी पहुंचाया। पाइप में ही जगह-जगह नल लगा दिया गया है। अब गांव के करीब 500 लोग इसी पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। सरकार की तरफ से गांव में पानी की आपूर्ति के लिए वर्षों पहले तीन चापानल लगाए गए थे, जो खराब पड़े हुए हैं। हड़ियान गांव के हड़ियान टोला, बुरुडीह टोला और बाराजाबका टोला के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाया गया है।

वर्ष 2019 में दो दिनों के भीतर करीब 300 ग्रामीणों ने श्रमदान कर पाइप से पानी को गांव तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने ऐसी व्यवस्था की कि पानी गांव तक लाने के लिए ना तो बिजली की जरूरत है और ना ही किसी मोटर की। ग्रामीणों को 24 घंटे नॉन स्टॉप जलापूर्ति हो रही है। पानी की बर्बादी ना हो इस कारण पाइप में ही हर घर के बाहर टोटी लगा दी गई है। पानी की जब जरूरत होती है तब टोटी खोल ग्रामीण पानी का इस्तेमाल करते हैं।

हड़ियान के ग्रामीणों ने श्रमदान कर पहाड़ से पानी गांव तक पहुंचाया

पहाड़ पर चुआं-गड्ढा में इकट्ठा करते हैं, फिर वहां से पाइप से गांव तक पहुंचता है पानी
पहाड़ के ऊपर बुरुडीह झरना है। तीन-चार चुआं और गड्ढे हैं, जिसमें पहाड़ों से रिसने वाला पानी इकट्ठा होता है। उक्त चुआं और गड्ढे में प्लास्टिक का पाइप डाल पानी गांव तक पहुंचाया गया है। पाइप फटे नहीं, इसके लिए रास्ते में खेत या रास्ता पड़ने पर वहां गड्ढा खोद कर पाइप को जमीन में डाल दिया गया है। जहां पाइप फट गई है, वहां पाइप को बांस से जोड़ा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने खेती के लिए पाइप उपलब्ध कराई थी, जिसका इस्तेमाल उनलोगों ने पहाड़ से गांव तक पानी लाने के लिए किया।

ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत कर गांव में पानी की समस्या को समाप्त किया है। सरकार ने खेती के लिए पाइप उपलब्ध कराए थे, जो बेकार पड़े थे। उसी पाइप का इस्तेमाल किया गया है। अब तीनों टोला में 24 घंटे जलापूर्ति होती है। लोगों ने पानी टंकी की मांग की है। - कान्हाई लाल मुंडा, ग्राम प्रधान, बुरुडीह टोला।

ग्रामीणों ने टोलों में पानी स्टोरेज के लिए टंकी निर्माण की मांग की है। उन्होंने प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। टोलों में जल्द पानी स्टोरेज के लिए टंकी का निर्माण कराया जाएगा। - हंबाई बास्के, मुखिया, गुड़ाबांदा पंचायत।

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