सड़क नहीं बनने से ग्रामीण हुए अकोशित:राज्य सरकार के मुखिया ही पथ निर्माण विभाग के मंत्री, फिर भी नहीं ले रहे सुध

चाईबासा2 महीने पहलेलेखक: संतोष वर्मा
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राज्य में महागठबंधन की सरकार सरकार में कांग्रेस भी शामिल है, लेकिन सरकार के पथ निर्माण विभाग के सचिव सिंहभूम की महिला सांसद गीता कोड़ा द्वारा अनुशंसित दो महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत का काम एक साल से धूल फांक रहा है। जबकि उक्त सड़क का निर्माण होने से हजारों लोगों को आवागमन सुगम हो जाता। सांसद द्वारा सरकार के पथ निर्माण विभाग के सचिव और अभियंता प्रमुख को पत्र देकर अवगत करा दिया गया है। इसके तहत हाटगम्हारिया-नोवामुं डी-मनोहरपुर- कोलाबिरा पथ (NH- 320G) के 6 किमी दामोदरपुर चौक से पाताहातु बड़ामोदिया-सपारुमगुटू -उलीहातु-पाताहातु कुईडा (NH-7SE) सीयाजो बुगुसाई काटेपड़ा-डीपासाई मालुका रेलवे स्टेशन- MDR-181- Link पथ का निर्माण कार्य (कुल लंबाई -20 किमी लगभग) तथा मोंगरा-बोरकेला पथ के 8 किमी में स्थित डोमारजोवा से कोटगढ़ (NH 320G) भाया बम्बासाई-कितांगतोंडा ग-बडापासेया जेटेया - सारबाई-पेटेता -बहदा पथ निर्माण कार्य कुल लंबाई 18 किमी सड़क मरम्मत की मांग की गई थी। लेकिन आज तक राज्य सरकार से स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वहीं डीएमएफटी फंड से स्वास्थ्य सेवा की योजना को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।जबकि चक्रधरपुर में अंडर पास रोड का निर्माण के लिए हाल ही में बनी योजना को सरकार ने हरी झंडी देते हुए रेलवे को डीएमएफटी फंड से तीन करोड़ सत्तर लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। विदित हो कि पथ निर्माण विभाग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है।

सड़क नहीं बनने से ग्रामीण नाराज

इधर सड़क नहीं बनने से ग्रामीण अकोशित हैं। दोनो सड़क ओडिशा राज्य को जोड़ती हैं। वहीं 12 साल बीत जाने के बाद भी अधूरी स्वास्थ्य योजना को पूरा कराने में सरकार और प्रशासन विफल है। अरवा राज कमल द्वारा अधूरी स्वास्थ्य योजना को पूरा कराने की शुरुआत की गई थी, लेकिन तबादला हो जाने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। डीएमएफटी में भी प्रस्तावित है, लेकिन कार्रवाई आज तक शून्य है। जिला परिषद के विशेष प्रमंडल से 15 से अधिक योजनाएं लंबित हैं। पूर्व डीसी अरवा राज कमल ने झालको से हाटगम्हरिया, जेटेया के अधूरे स्वास्थ्य भवन और एनआरपी के छोटानागड़ा की स्वास्थ्य योजना को पूरा कराया है।

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