अमावस का अंधेरे पर दिये की रोशनी भारी:उत्साह की रोशनी से जगमग हुई अमावस की रात

देवघरएक महीने पहले
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दिवाली पर पटाखे जलाते लोग। - Dainik Bhaskar
दिवाली पर पटाखे जलाते लोग।

भास्कर न्यूज/ अंधकार को बुहारने का महापर्व दीपावली यानी अमावस की स्याह रात उत्साह व उमंग की रोशनी से जगमगा उठी। जमीन से लेकर आसमान तक केवल इंद्रधनुषी रंगों का कब्जा दिखा। गुरुवार को शाम ढलते ही हर घर, दुकान व प्रतिष्ठान की दहलीज पर जगमगाते दीपक की रोशनी के बीच घर आंगन में सजी खूबसूरत रंगोली के साथ लक्ष्मी का प्रवेश हुआ। शहर उत्साह और उत्सव की चकाचौंध में रम गया। गुरुवार शाम से प्रारंभ हुई आतिशबाजी दो बजे रात तक होती रही। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश का असर कहीं नहीं दिखा। आसमान में पटाखों ने खूब अठखेलियां की घर का आंगन और शहर की इमारतें जगमगाती रही। परंपरागत मिट्टी के दिये के साथ विद्युत बल्बों के रंग बिरंगी झालरों भी सपनों की इमारत झिलमिलाती रही। उत्सवी रंग में रंगा माहौल: बच्चों से लेकर बुजुर्ग सभी उत्सवी रंग में रंगे हुए थे। बच्चों ने न केवल अपने घरों में बने घरौंदे को सजाया और रोशन किया, बल्कि बड़े उत्साह के साथ पूजा-अर्चना भी की। पकवानों व मिठाइयों की खुशबू आती रही। दीपावली पर मंदिर, घर व दुकानों में खास अनुष्ठान हुए। लोग परिवार सहित लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने धार्मिक स्थल पहुंचे और सुख समृद्धि की कामना की।

गाइडलाइन का पालन करते हुए की काली पूजा

साहिबगंज|दीपावली के शुभ अवसर पर धूमधाम के साथ काली पूजा मनाई गई।तीनपहाड़ स्टेशन चौक दुर्गा मंदिर एवं बभनगामा मे राज्य सरकार के गाइडलाइन पालन करते हुए भक्तों ने खासकर महिलाओं ने मास्क लगाकर काली माता का दर्शन किया। महिलाओं ने साधना की देवी मां काली की आराधना का पर्व काली पूजा की। पूजा समितियों की ओर से सरकार दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर पूजा की गई।पुजारी का कहना है कि शक्ति स्वरूपा मां काली की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। मां काली को साक्षात काल की देवी भी कहा जाता है।

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