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कार्रवाइ:नदियों से निकालकर चाेरी का बालू 1500 रुपए प्रति ट्रैक्टर की दर से बेच रहे

गांडेय6 दिन पहले
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पंचायत स्तर पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मनरेगा योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास, पशु शेड, बकरी शेड, सिंचाई कूप, सोख्ता गड्ढा समेत अन्य योजनाएं संचालित है। इन योजनाओं को संचालित करने के लिए ईंट, सीमेंट के साथ साथ बालू की आवश्यकता पड़ती है, पर करीब दो साल से बालूघाट का टेंडर नहीं होने से इन योजनाओं को पूरा करने के लिए लाभुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बालू की कीमत पांच सौ रुपए से बढ़कर पन्द्रह सौ रुपए प्रति ट्रैक्टर हो गई है। इस पर भी बालू के लिए ट्रैक्टर वालों को तैयार करना पड़ता है। ट्रैक्टर संचालक अपने ही गांव टोले एवं जंगल से होकर गुजरने वाली नदियों से बालू उठाव के लिए चोरी छिपे रात के अंधेरे में बालू का उठाव करते हैं। बालू उठाव के लिए बालू घाट का टेंडर नहीं होने से ट्रैक्टर संचालक समेत योजनाओं के लाभुक एवं अन्य लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नदी से बालू उठाव के लिए ट्रैक्टर संचालक चोरी छिपे छोटी छोटी नदी नाले से बालू का उठाव करते हैं जाे कानूनी रूप से अवैध है।

वैसे भी फिलहाल एनजीटी लागू है। लिहाजा पुलिस प्रशासन के लिए भी कार्रवाइ करना मजबूरी है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैक्टर संचालकाें के मुताबिक बालू लदे ट्रैक्टराें से प्रशासनिक नुमाइंदे अवैध वसूली भी करते हैं। जिससे बालू की कीमत पांच सौ रुपए से 1500 रुपए प्रति ट्रैक्टर पहुंच गई है जिसे आम जनाें काे वहन करना पड़ता है।

बालू उठाव को लेकर प्रशासनिक कड़ाई और अवैध वसूली से आमजन परेशान हैं। बालू उठाव को लेकर प्रशासनिक कड़ाई तथा अवैध वसूली को लेकर ट्रैक्टर संचालकों ने कई बार विरोध प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है पर निराकरण कुछ भी नहीं निकला। जिससे ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरा करने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक सप्ताह के भीतर बालु उठाव को लेकर सरकार कोई ठोस पहल नहीं करती है तो ग्रामीणों के साथ गांडेय में विरोध प्रदर्शन करेगी।

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