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आदिवासियों का हुजूम:कड़ी सुरक्षा और विरोध के बीच एमपीएल ने किया कोयले का उठाव, बैकफुट पर आए आंदोलनकारी

गिरिडीह2 दिन पहले
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  • पहले दिन 13 हाईवा से 247 टन कोयला निकला, आज से रोज 40 हाईवा कोयले का होगा उठाव

पिछले 13 दिनों से आंदोलन पर डटे कोलियरी बचाओ संघर्ष मंच उस वक्त बैकफुट पर आ गया, जब मंगलवार को एमपीएल का उठाव शुरू हो गया। पहले दिन 13 हाइवा में 247 टन कोयले का उठाव किया गया। इस दौरान शुरूआत में संघर्ष मंच ने हाइवा को रोकने की काेशिश की, लेकिन ज्योंही हाईवा पहुंचने के कुछ देर बाद जब एमपीएल के समर्थन में आदिवासियों का हुजूम पहुंचा तो होश उड़ गए।

इसके बाद एसडीपीओ अनिल सिंह के नेतृत्व में गिरिडीह नगर, मुफ्फसिल, पचंबा व गांडेय थाना की बड़ी संख्या पुलिस बल पहुंची तो आंदोलनकारी जो हो हल्ला कर रहे थे, वे भी सारे साइलेंट मोड में आ गए। फिर दोपहर बाद धीरे-धीरे लोग वहां खिसक गए। इस दौरान आवंटित 1957 टन में से एमपीएल ने मंगलवार को अपने 13 हाईवा के माध्यम से लगभग 247 टन कोयले का उठाव किया।

जिसके समर्थन में जय माता दी रोडवेज के गुड्डू सिंह, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन नेता हरगौरी साव, तेजलाल मंडल, यूनियन नेता अर्जुन रवानी लेबर सरदार समेत कई समर्थक मौजूद रहे। इस बीच ट्रक एसोसिएशन के लोगों ने अपने धरना प्रदर्शन स्थल से ही एमपीएल का विरोध किया। मौके पर ही एसोसिएशन के कंपू यादव व माले नेता राजेश यादव ने एमपीएल के जरिए कोयला उठाव को गुंडागर्दी का नाम दिया। कहा कि एमपीएल के समर्थन में आए सैकड़ों लोग गुंडागर्दी के मकसद से यहां पहुंचे हैं। जिसे एमपीएल के ठेकेदारों द्वारा गलत जानकारी देकर आदिवासियों व ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर यहां बुलवाया गया है।

कहा की ट्रक एसोसिएशन धरना प्रदर्शन शांति पूर्ण रुप से निरंतर जारी रखेगी, वहीं ट्रक मालिकों ने यह भी कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि हमारी जीविका समाप्त कर हमें आत्मदाह करने को मजबूर कर रहे हैं। दो दिन पहले तक भाजपा व कांग्रेस के नेता एसोसिएशन के कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलनकारियों के साथ देने का ऐलान किया था।

आंदोलकारी उग्र होते तो भड़क सकता था मामला
पहले दिन 13 हाईवा से 247 टन कोयला निकला, आज से रोज 40 हाईवा कोयले का होगा उठावजिस तरह लाव लश्कर के साथ एमपीएल कोयला उठाव करने पहुंची। यदि उस वक्त आंदोलनकारी थोड़ा भी विघ्न डालने का प्रयास करते तो मामला भड़क सकता था। लेकिन आंदोलनकारियों को इसकी भनक लग चुकी थी और बैक होना ही लोगें ने भलाई समझा।

क्योंकि एमपीएल के समर्थन में न सिर्फ आदिवासियों व ग्रामीणों का जत्था पहुंचा था, बल्कि आसपास बड़ी संख्या में लोग हर तरह से तैयार थे। ओपनकास्ट में जहां एमपीएल के समर्थन में करीब 400 की संख्या में आदिवासी महिला पुरूष मुस्तैद थे, वहीं स्टेडियम के पास करीब 200 से ज्यादा लोग जुटे थे। धनबाद जिला से भी कई कोल माफियाओं का जुटान हुआ था, जो लग्जरी वाहनों से पहुंचे थे। आजसू जिलाध्यक्ष गुडडू यादव भी स्टेडियम के पास ही थे।

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