विरोध प्रदर्शन:केंद्र की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस, झामुमो व राजद ने दिया धरना, कृषि कानूनों का विरोध, एमएसपी की गारंटी की मांग

गिरिडीह2 महीने पहले
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महाधरना में शामिल राजनीतिक दल के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
महाधरना में शामिल राजनीतिक दल के कार्यकर्ता।
  • राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में रोजगार, वैक्सिनेशन, श्रमिक अधिकार, निजीकरण, महंगाई, मनरेगा की मजदूरी बढ़ाने, स्कूल खोलने की मांग

कृषि कानूनो के खिलाफ आंदोलन के समर्थन में चला रहे कार्यक्रमों के तहत महागठबंधन ने अंबेडकर चौक पर धरना दिया। जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल शामिल हुअा। धरना के दौरान किसान आंदोलन में शहीद हुए लोगों के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया।

धरना के माध्यम से कृषि कानूनो की खिलाफत के अलावा वैक्सिनेशन बढ़ाने, कोविड से मरे लोगों के लिए मुआवजा तय करने, महंगाई घटाने, पेट्रोलियम पदार्थों का दाम कम करने, निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा की मजदूरी बढ़ाने, स्कूलों को जल्द खोलने, पेगासस मामले की जांच कराने, राजद्रोह कानून को खत्म करने और जम्मू काश्मीर के राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग की गई।

माैके पर झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। जो किसानों, मजदूरों, नौजवानों के दमन की नीतियां बनाती है और उद्योगपति साथियों के हितों की रक्षा करती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश वर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई आसमान पर है और किसान परेशान हैं।

सतीश केडिया ने कहा कि भारत किसानों का देश है और सरकार किसानों के हितों की बलि चढ़ा कर अपने पूंजीपति साथियों के के लिए नए नए कानून बनाकर और मालामाल कर रही है। कार्यक्रम को ज्योतिंद्र प्रसाद, शाहनवाज अंसारी, राजद के गिरेंद्र यादव, अजीत कुमार पप्पू आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आनंद कुमार मिश्रा, महमूद अली खान, आलमगीर आलम, अजय सिन्हा, धनंजय सिंह, रॉकी सिंह, शोभा यादव, अभय कुमार, राकेश रंजन, आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

मनरेगा में 200 दिनों का काम मिले, मजदूरी बढ़ाया जाए

मनरेगा को कम से कम दोगुनी मजदूरी के साथ 200 दिनो के लिए बढ़ती गारंटी के साथ व्यापक रूप से बढ़ाया जाए। इसी तर्ज पर एक शहरी रोजगार गारंटी कार्यक्रम कानून बनाएं, शिक्षण संस्थान जल्द खुले। इसे सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के टीकाकरण को प्राथमिकता दे।

लोगों की निगरानी के लिए पेगासस स्पाइवेयर के उपयोग की उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली न्यायिक जांच तत्काल करे। राफेल सौदे की उच्च स्तरीय जांच पहले के आदेश को रद्द करे और अधिक कीमत पर नया आदेश दे। भीमा कोरेगांव मामले में कठोर यूपीए के तहत और सीएए के विरोध प्रदर्शनों सहित सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करे। लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों औ नागरिक स्वतंत्रता को उल्लंघन करने केलि राजद्रोह, एनएसए जैसे अन्य कठोर कानूनों कार उपयोग करना बंद करे।

वैक्सीन उत्पादन की क्षमता बढ़ाने व तेज करने की मांग

भारत में सभी वैक्सीन उत्पादन की क्षमताओं को बढ़ाएं और टीकाकरण कार्यक्रम को सुनियोजित करें। विश्व स्तर पर टीकाें की खरीद करें और टीकाकरण अभियान को तुरंत तेज करें। काेराेना के कारण जान गंवाने वालों के लिए पर्याप्त मुआवजा प्रदान करे सरकार। केंद्र सरकार के आयकर दायरे से बाहर के सभी परिवारों को प्रति माह 7500 रुपया का मुख्य नकद हस्तांतरण लागू करे।

सभी जरूरतमंदों को दैनिक उपभोग की सभी आवश्यक वस्तुओं से युक्त भोजन किट वितरित करे। तेल की कीमतों को कम करे। तीन कृषि विराेधी कानूनाे काे निरस्त करें और किसानाे काे अनिवार्य रूप से एमएसपी की गारंटी करें। सार्वजनिक क्षेत्र के बेलगाम निजीकरण को रोक लगाए और श्रमिक और श्रमिक वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने वाली श्रम संहिताओं को निरस्त करें।

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