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अनुदान उपलब्ध:गिरिडीह बनेगा सोलर सिटी, सरकार ने दी स्वीकृति, 191 कराेड़ होंगे खर्च

गिरिडीह2 दिन पहले
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गिरिडीह शहर जल्द ही सोलर सिटी के रूप में विकसित होगा। राज्य सरकार ने इसकी स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना में कुल 190.95 कराेड़ रुपए खर्च हाेंगे। जिसमें 40 %राशि केंद्र सरकार और 60% राशि राज्य सरकार खर्च करेगी। राज्य सरकार की ओर से पहले चरण में 80.75 कराेड रुपए खर्च करने की स्वीकृति दे दी गयी है।

इस याेजना काे धरातल पर उतारने के लिए बिना बैटरी के साेलर रूफ टाॅप पावर प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस याेजना के शेष याेजनाओं में राज्य सरकार की ओर से 3.75 कराेड़ रुपए ज्रेडा काे अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। लोगों की आय के अनुसार ही उनसे शुल्क लिया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से शहर में निवास करने वाले वैसे लाभुक जिसका वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम हाेगा ताे 60 % राशि केंद्र सरकार वहन करेगी जबकि वार्षिक आय 3 लाख से अधिक हाेने पर 30%राशि राज्य सरकार वहन करेगी। शेष राशि 30% लाभुक काे वहन करना पड़ेगा। झारखंड सरकार ने इसका फॉर्मेट भी जारी कर दिया है।

गिरिडीह शहर में है 29 हजार 858 विद्युत कनेक्शन

कहा गया है गिरिडीह शहर के सभी विद्युत उपभाेक्ता अपने घर में विद्युत संबंधी आवश्यकता तथा वाटर पंप में खपत हाेने वाली विद्युत उर्जा काे साेलर रूफ टाॅप पावर प्लांट के माध्यम से उपयाेग किया जाएगा। इस कार्य काे राज्य सरकार की नाेडल एजेंसी द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। गिरिडीह शहर के आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्याेगिक और नगरपालिका जैसे सभी क्षेत्राें के विभिन्न आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध साैर विकिरण कुशलतापूर्वक उपयाेग के लिए पर्याप्त है। गिरिडीह शहर में कुल 29 हजार 858 विद्युत कनेक्शन है जिसका कुल लाेड क्षमता 40 हजार 925 किलाेवाट है जाे लगभग 41 मेगावाट है।

गिरिडीह शहर में 41 मेगावाट ऊर्जा की हाेगी खपत
गिरिडीह शहर काे साेलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए शहर के लिए कुल 41 मेगावाट उर्जा की आवश्यकता है जिसके लिए कुल राशि 190.95 कराेड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए अलग-अलग स्कीम में आने वाले खर्च निर्धारित कर दिए गए है। इसमें आवासीय सेक्टर के लिए रूफटाॅप पावर प्लांट में 15 मेगावाट उर्जा की आवश्यकता हाेगी जिसके लिए 67.20 कराेड़ रूपए, कमर्शियल सेक्टर में रूफटाॅप पावर प्लांट के लिए 5 मेगावाट उर्जा की आवश्यकता हाेगी। यह राशि संबंधित संस्थान काे अदा करना हाेगा। ऑफ ग्रीड साेलर स्ट्रीट लाईट में 1 मेगावाट उर्जा लगेगी, जिसके लिए 3.75 कराेड़ रूपए, वेस्ट टू इनर्जी प्लांट में 2 मेगावाट उर्जा की खपत हाेगी। इसके लिए 30 कराेड़ और ग्राउन्ड माउन्ट साेलर पावर प्लांट में 18 मेगावाट उर्जा की खपत हाेगी। इसके लिए 90 कराेड़ रुपए का खर्च किए जाएंगे।

गिरिडीह के लिए बड़ी उपलब्धि
झारखंड का पहला जिला गिरिडीह हाेगा जिसे साेलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन की ओर से गिरिडीह वासियाें के लिए यह एक बड़ा ताेहफा है। इससे गिरिडीह शहर में विद्युत उर्जा के अभाव में आनेवाली समस्या स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी। कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जल्द ही धरातल पर उतरेगा।
-सुदिव्य कुमार, विधायक, गिरिडीह

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