कार्यक्रम / हूल क्रांतिकारियों के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत

Need to follow the path suggested by Hul revolutionaries
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Need to follow the path suggested by Hul revolutionaries

  • 30 जून 1855 में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका, अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले आंदोलनकारियों को नमन : विधायक

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:20 AM IST

बेंगाबाद/ गिरिडीह. सिदो-कान्हो, चांद-भैरव, फूल-झानो जैसे क्रांतिकारियों के मार्ग पर सभी को चलने की आवश्यकता है। उक्त बातें गांडेय विधायक सरफराज अहमद ने 165वां हूल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम कर्मजोरा मोड़ पर मंगलवार को बोल रहे थे। कहा कि 30 जून 1855 में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था। अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले इन आंदोलनकारियों की भूमिका अहम है। निर्दलीय विस प्रत्याशी कर्मिला टुडू ने कहा कि महापुरुषों से सभी को सीख लेनी चाहिए। पीरटांड़ प्रमुख सिकंदर हेंब्रम ने सिदो-कान्हो के वंशजों की छठी पीढ़ी रामेश्वर मुर्मू की हत्या की आशंका जाहिर की।

दु:ख की बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के क्षेत्र में ही इस प्रकार की घटना घटी है और अबतक पुलिस मामले का उद्भेदन नहीं कर पाई है। मौके पर हसनैन आलम, दीपक पाठक, महेन्द्र हांसदा, मणिलाल टुडू, जैनुल अंसारी, मंगल सोरेन, मेराज आलम, महेन्द्र हांसदा, फखरुद्दीन अंसारी, नुनूलाल टुडू, नीलकंठ मंडल, रवि हांसदा टाइगर, नुनूलाल मुर्मू, राजेंद्र पंडित, इनामुल, सलीम, देवान बेसरा, मणिलाल टुडू मिनसार समेत कई लोग थे।

कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से हूल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम प्रभारी श्री जवाहर महथा भी मौजूद थे। जिलाध्यक्ष नरेश वर्मा ने कहा कि जब अंग्रेजों ने इस क्षेत्र के लोगों को तंग तबाह करना शुरू किया तो गदर आंदोलन से भी पहले क्षेत्र के स्वाभिमानी योद्धाओं ने अंग्रेजों से लोहा लेना शुरू किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सतीश केडिया ने कहा कि आज हम सभी सिदो-कान्हो, चांद-भैरव को याद करते हैं। इस आंदोलन में महिलाओं का भी उतना ही बड़ा योगदान है जैसे इनकी दो बहने फूलो-झानो का है। कार्यक्रम में लड्डू खान, गुलाम रब्बानी, रुस्तम अली, साबिर हुसैन लाडला, तनवीर हयात, नदीम अख्तर, रामू राम, त्रिभुवन दास, आलमगीर आलम, किशन गोप आदि उपस्थित थे।   

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