लापरवाही:सदर अस्पताल में वृद्ध की मौत, बेटे ने कहा- समय पर ऑक्सीजन देते ताे बच जाती जान

गिरिडीह6 महीने पहले
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  • बेटे ने यह लगाया आरोप- बिना ऑसीजन के मरीज सदर अस्पताल पहुंचा और यहां भी मरीज को काफी देर बाद मिला ऑक्सीजन, इलाज शुरू करने में भी डॉक्टर काफी देर करते रहे आनाकानी

जमुआ प्रखंड के मिर्जागंज के रहने वाले वृद्ध वासुदेव की मौत सदर अस्पताल पहुंचने के कुछ देर के बाद ही हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी जिसके बाद उनके परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन डॉक्टर भर्ती लेने में आनाकानी कर रहे थे और बेटे के बार-बार कहने पर भी उन्हें ऑक्सीजन नहीं दिया जा रहा था। थोड़ी देर बाद उन्हें ऑक्सीजन मिला लेकिन ऑक्सीजन मिलने के दो मिनट के बाद ही उनकी मौत हो गई।

उनकी मौत के बाद उनके बेटे अश्विनी ने बताया कि यदि पिता को समय पर अस्पताल में इलाज और ऑक्सीजन मिल जाता तो जान बच जाती। लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उनके पिता की मौत हुई है। सदर अस्पताल में बिना आनकानी के डॉक्टर भर्ती करते तो आज उनके पिता जिंदा होते। अश्विनी ने बताया कि जमुआ से गिरिडीह सदर अस्पताल तक लाने के दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होना भी उनके मौत का कारण बना। यदि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होती तो लोग ऑक्सीजन लेकर अस्पताल नहीं आते। ऑक्सीजन साथ लेकर इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलेगा।

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