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जारी किया संदेश:शिक्षक भी एक योद्धा के रूप में बिना छुट्टी लिए, छात्रों के भविष्य को संवारने में जुट जाएं- क्षेत्रीय निदेशक

गिरिडीह6 दिन पहले
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  • डीएवी झारखंड जाेन के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. पी हाजरा ने शिक्षकाें का किया उत्साहवर्द्धन, जारी किया संदेश

डीएवी झारखंड जाेन के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. पी हाजरा ने शिक्षकाें का उत्साहवर्द्धन किया है। शिक्षकों के लिए संदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर के शिक्षण एवं शैक्षणिक प्रणाली को काफी हद तक प्रभावित किया है। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से विभिन्न शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का बीड़ा उठाया और ज्ञानार्जन के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को गति प्रदान की। इस संक्रामक महामारी के बीच जिस तरह चिकित्सको, नर्सो, सेना के जवानों, अधिकारियो, मीडिया कर्मियों आदि ने अदम्य साहस के साथ एक योद्धा की भांति महामारी से निबटने में लगे हैं। ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी एक योद्धा के रूप में बिना छुट्टी लिए छात्रों के भविष्य को संवारने में जी जान से जुटे हैं।

परिस्थिति कैसी भी हो, यदि मनोस्थिति स्थिर कर निरन्तर प्रयास किया जाय तो किसी भी समस्या का हल मिल ही जाता है। कोरोना काल में आभासी शिक्षा वरदान सिद्ध हुई है। चूंकि यह एक नयी शिक्षण प्रणाली है, इसलिए शिक्षक की चुनौतियां महत्वपूर्ण है।कोरोना काल में आभासी शिक्षा ( ई लर्निंग) को एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस माध्यम से शिक्षक छात्रों से जुड़कर सुगमता से पठन पाठन का कार्य कर रहे हैं। इस दौर ने शिक्षकों के साथ छात्रों को भी तकनीकी के नए उपयोग से जोड़ दिया है। स्कूल, कॉलेज भले ही बंद है पर अध्यापन कार्य गतिमान है। पढ़ाई को रुचिकर बनाने की दिशा में नए नए रचनात्मक प्रयोग भी किए जा रहे हैं। ऑनलाइन कक्षा को स्कूली कक्षा के समान संचालित करवाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

यह कार्य शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के आपसी सामंजस्य से साकार हो रहा है। इस दिशा में कई प्रयास और भी किए जा रहे हैं। जिस प्रकार छात्र स्कूली कक्षा में शिक्षा ग्रहण करते थे, उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछते थे, उसी प्रकार ऑनलाइन कक्षा के संचालन की कवायद की जा रही है। इस प्रयास में शिक्षण संस्थान काफी हद तक सफल भी हुए हैं। कक्षावार रूटीन के सहयोग से स्कूली कक्षा की तरह घर बैठे छात्रों को आंनलाइन कक्षा में अनुशासित ढंग से पढ़ाया जा रहा है। उपस्थिति ली जा रही है, उपस्थिति का विवरण रखा जा रहा है। छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार पढ़ाए गए विषय की मौखिक एवं लिखित परीक्षा ली जाती है और उनका मूल्यांकन किया जाता है। साथ ही छात्रों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर, अभिभावकों को सूचित भी किया जाता है।

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