एसडीओ ने धंधेबाजों को चेताया:न्यायालय की जमीन लूट रोकने जरीडीह पहुंची टीम, मापी में कई लोगों का कब्जा उजागर

गिरिडीह14 दिन पहले
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अधिकारियों की टीम के साथ जमीन की मापी करते कर्मी। - Dainik Bhaskar
अधिकारियों की टीम के साथ जमीन की मापी करते कर्मी।
  • एसडीओ ने कहा-न्यायालय भूमि पर कब्जा करने वालाें को गिरफ्तार करें पुलिस, न्यायालय जमीन के पास लगी जमीन बिक्री की बोर्ड को प्रशासन ने किया ध्वस्त

गिरिडीह अंचल के जरीडीह मौजा में न्यायालय की भूमि सहित आसपास की 151 एकड़ जमीन की फर्जीवाड़ा कर भू-माफियों द्वारा की जा रही खरीद-बिक्री रोकने को लेकर उपायुक्त की ओर से कड़ा निर्देश जारी किया गया है। लिहाजा जिला प्रशासन की टीम शुक्रवार को स्थल पर पहुंची। जिसमें सदर एसडीओ विशालदीप खलखो, अंचल अधिकारी रवि भूषण प्रसाद, अंचल निरीक्षक जितेन्द्र सिंह, पचंबा थाना प्रभारी नीतिश कुमार, राजस्व कर्मचारी राजेश चौधरी, गौतम कुमार, अंचल अमीन अजय यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल थे। जहां न्यायालय भूमि सहित पूरे 151 एकड़ गैरमजरूआ जमीन की मापी की गई।

मापी में खुलासा हुआ कि जिस जमीन को जिला प्रशासन ने 2010 में न्यायालय भवन निर्माण के लिए चिन्हित कर रखा है, उसकी भी बिक्री की जा चुकी है, जिसमें दो मकान बन चुका है तो बाकी जमीन की प्लॉटिंग कर बिक्री के लिए बुकिंग की चुकी है। इसके अलावा खाता 180 के प्लाॅट 1534 व 1390 की शेष भूमि को प्लॉटिंग कर युद्ध स्तर पर शदामदी व कब्जा के माध्यम से धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। इसके अलावा पीछे हिस्से में एक दर्जन से अधिक बाउंड्री व छोटे-छोटे मकान भी बन चुके हैं। जिसमें कुछ मकान को ध्वस्त भी किया गया।

हालांकि प्रशासन का कड़ा रूख देख सारे धंधेबाज वहां से भाग निकले और कुछ स्थानीय लोग जिन्हें इस धंधे से कोई सरोकार नहीं है उसे भड़काने की भी कोशिश की। लेकिन प्रशासन के कड़े रूख के आगे किसी की एक न चली। हालांकि ये भी खुलासा हुआ कि खाता नंबर 180 के प्लॉट नंबर 1534 व 1390 में कुछ लोगांे की अवैध जमाबंदी चल रही है। जिसे निरस्त करने के लिए तत्कालीन सीओ धीरज ठाकुर ने ही वाद खोली थी। लेकिन कुछ दिनों बाद उक्त वाद ठंडे बस्ते में चला गया।

एसडीओ ने थाना प्रभारी को दी जमीन सुरक्षा की जिम्मेवारी
इस दौरान एसडीओ की फरमान के बाद इस जमीन के मुख्य कारोबारियों को स्थल पर बुलाया गया। जहां कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ये सरकारी भूमि है, और न्यायालय भवन के लिए चिन्हित किया गया है। लिहाजा इसकी खरीद-बिक्री व कब्जा का कोई प्रयास नहीं करेगा। अन्यथा विवश होकर प्रशासन को चिन्हित कारोबारियों व खरीदी करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी होगी। साथ पचंबा थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे लगातार गश्ती इस इलाके में करें, और जो भी इस जमीन पर काम करते पकड़ा जाए, उसे गिरफ्तार करें।

इसके अलावा धंधेबाजों ने जो जमीन बिक्री की स्थायी बोर्ड लगा रखी थी, एसडीओ के आदेश पर उसे ध्वस्त कर दिया गया। वहीं पूरे शहर में इस जमीन के बाबत आम सूचना जारी करने का निर्देश दिया गया कि कोई इसकी खरीदी न करें, क्योंकि ये सरकारी भूमि है और इसकी खरीद-बिक्री में शामिल क्रेता-विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो सकती है।

अतिक्रमण हटेगा और प्राथमिकी भी होगी : सीओ
सीओ ने बताया कि सरकारी जमीन किसी कीमत पर लूटने नहीं देंगे। फिलहाल मापी एक-दो दिन और चलेगा। जिसने भी कब्जा व अतिक्रमण कर रखा है उसे चिन्हित किया जा रहा है। जिसमें करीब एक दर्जन लोगों का नाम सामने आ चुका है, उसके खिलाफ जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जो भी अवैध जमाबंदी चल रहा है उसे निरस्त किया जाएगा।​​​​​​​

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