पतंग भी सिखा रही है:त्योहार संयम से मनाना है, भीड़ नहीं बन जाना है, टीका जरूर लगवाना है, क्योंकि, कोरोना को हराना है

जामताड़ा3 दिन पहले
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  • जिले में अभी 323 मरीज संक्रमित, गाइडलाइन का पालन नहीं किया तो और बढ़ेगी संक्रमण की रफ्तार
  • कोविडकाल में संक्रमण से पेच ना लड़ाएं, लापरवाही की ढील से उलझेगी सांसों की डोर
  • कोरोना से जिले में 61 लोगों की हो चुकी है मौत, तीसरी लहर पिक पर है मगर लोग बरत रहे लापरवाही

मकर संक्रांति ही त्योहारों का ‘दरवाजा’ खोलती है। यह पर्व दान-पुण्य के साथ-साथ पतंगों के दांव-पेच के लिए भी मशहूर है। पतंगबाजी उड़ान भरने का एहसास ही नहीं है...यह एहसास है जीवंतता और उम्मीद का। कोरोनाकाल में कैसे बचें? इसे पतंग से सीख सकते हैं। पतंग को जरूरत से अधिक ढील दी जाए तो ‘डूब’ जाती है। वैसे ही...गाइडलाइन तोड़ी तो बीमार होना तय है। इसलिए लापरवाही को ढील न दें। दूसरा...पतंग जब तक दूर रहती है सुरक्षित रहती है। जैसे ही किसी के संपर्क में आती तो कट जाती है। हम सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करेंगे तो कोरोना की चपेट में आ सकते हैं।

जिले में 11 नए संक्रमित मिले, अभी कुल एक्टिव मरीज 323

जिले में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। यह एक तरह से कोरोना का विस्फोट है क्योंकि तीसरी लहर में रोजाना मरीजों का मिलना जारी है। शुक्रवार को जिले में 11 नए पॉजिटिव मिले हैं। इसके साथ ही जिले में एक्टिव मामला 323 हो गया है। अच्छी बात यह है कि स्वास्थ्य होने पर 21 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। जिले में कोरोना के बढ़ते मामले के बीच बूस्टर डोज हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को दिया गया।

447 सैंपल की जांच में 11 पाॅजिटिव मिले
शुक्रवार को जिले में 447 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 11 लोग पॉजिटिव पाए गए। लगातार संक्रमण का नया मामला सामने आ रहा है। मगर लोगों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाट बाजार में अभी भी लोग लापरवाह बने घूम रहे हैं। लगातार संक्रमण के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जगह-जगह कोरोना कैंप लगाया गया है। शहर सहित पंचायत क्षेत्र में प्रशासन द्वारा मास्क जांच अभियान चलाया जा रहा है।

6 लाख लाेगाें में से मात्र 2,66,858 ने ली है टीके की दाेनाें डाेज
वैक्सीनेशन की बात करें तो जामताड़ा जिले में 7,54,965 लोगों ने वैक्सीन लिए है। जिले में शुक्रवार को 1194 लोगों ने वैक्सीन लिया। जिले में प्रथम डोज लेने वालों में 4,87,867 है, जबकि दूसरा डोज लेने वालों में 2,66,858 लोग शामिल हैं। जामताड़ा जिले में लगभग 6 लाख लोगों को डोज दिए जाने का लक्ष्य।

अब तक जिले में 61 लाेगाें की जान ले चुका है काेराेना

उल्लेखनीय है कि कोरोना के दूसरी लहर में जामताड़ा जिला में 61 लोगों की मौत हो चुकी है। जामताड़ा ने उस दौरान बहुत कुछ खोया है। किसी ने भाई, किसी ने पति, किसी ने मां तो किसी ने पिता को खोया था। इसके बावजूद भी जामताड़ा के लोग सबक नहीं ले रहे हैं और कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करते देखा जा रहा है।

बाजार में नहीं हाे रहा काेविड गाइडलाइन का पालन
कोरोना के बढ़ते मामलाें काे लेकर लाेग सावधानी नहीं बरत रहे हैं। हटिया में खचाखच भीड़ देखी गयी। लोग, पैदल, टोटो, ऑटो, बाइक, साईकल, ट्रेन व दूसरे वाहनों में भरे देखे गए। कोरोना से बेखौफ बिना मास्क के ही लोग घूमते रहे। बाजार में बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं और कहीं पर भी सामाजिक दूरी का अनुपालन होता नहीं दिख रहा है। इससे सभी लोगों को बचने की काफी आवश्यकता है। शहर के बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सभी जगहों पर काफी भीड़ एकत्रित हो रही है।

अब तक 5990 लोग हो चुके हैं संक्रमित
डॉ दुर्गेश झा ने बताया कि जिस प्रकार से कोरोनावायरस जिले में फैल रहा है लोग सावधानी बरतें। पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। बस कोरोना का लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, लूज मोशन होने पर नजर नजरअंदाज ना करें बल्कि जागरूक होकर जांच करवाएं। कोरोना के कुल मामला 5990 हैं जिसमें से 5667 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।​​​​​​​

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