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अपील:अपनी जिम्मेदारी को समझें, दूसरे डोज के 14 दिन बाद ही शरीर में विकसित होगी प्रतिरोधक क्षमता

जामताड़ा11 दिन पहले
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  • 37% स्वास्थ्यकर्मियों ने नहीं लिया दूसरा डोज, रजिस्ट्रेशन कराकर टीका नहीं लेने वालों से उपायुक्त ने की अपील

जिले में वैक्सीनेशन का दौर जारी है। इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे है। जिनको अब तक वैक्सीन नहीं लग पाई है, वे अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे है तो वहीं जिन्हें कोविशील्ड वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है, वे यह जानना चाह रहे हैं कि अब उनको कोरोना से खतरा है कि नहीं। जिनको दूसरा डोज लग चुका है वे जानना चाह रहे हैं कि कब तक एंटीबॉडी बढ़ेगी और क्या-क्या होगा।

इसके अलावा अधिकांश लोग आगे वैक्सीनेशन को लेकर जरूरी जानकारी जानना चाह रहे है। ऐसे में भास्कर ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों, एक्सपर्ट व जिन्हें वैक्सीन का पहला व दूसरा डोज लग चुका है, उनसे चर्चा की। तब यह तथ्य सामने आया कि 2 बार में 0.5-0.5 एमएल कुल एक एमएल डोज लगने के बाद ही शरीर में 14 दिन या इसके बाद में ही एंटीबॉडी डेवलप होगी।

इसके बाद 14 दिन के अंदर में एंटीबॉडी डेवलप होगी। जो कोरोना से बचाव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फिलहाल 42 दिन में शरीर में एंटीबॉडी डेवलप होने के दावे अफसर कर रहे हैं। ऐसे में तब तक सावधानी जरूरी है। इसलिए विभाग से लोगों से अपील की जा रही है कि मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंस का पालन करें।
आपको यह जानना जरूरी
कोविड वैक्सीन 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान करवाने वाली महिलाओं, थक्काराेधियाें को नहीं लगाया जाएगा। सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे लक्षणों की स्थिति में भी टीका नहीं लगाया जाएगा। दूसरे चरण के तहत अभी वैक्सीन का पहला डोज लगाया जा रहा है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी
कोविड 19 के चिकित्सक डॉ दुर्गेश झा ने बताया कि सभी को पहला डोज लगने के बाद दूसरा डोज 28 दिनों के बाद लगाना जरूरी है, तभी कोरोना से बचाव हो पाएगा। रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए ही दो बार में डोज लगाने कहा गया है। कोविशील्ड वैक्सीन सुरक्षित एवं प्रभावी है। अब तक साइड इफेक्ट नहीं हुआ है।
जानिए एंटीबॉडी क्या है
एंटीबॉडी शरीर का वह तत्व है, जिसका निर्माण हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में वायरस को बेअसर करने के लिए पैदा करता है। एंटीबॉडीज बनने में कई बार एक हफ्ते तक का वक्त लग सकता है। एंटीबॉडी दो प्रकार के होते हैं। पहला आईजीएम (इम्यूनोग्लोबुलिन एम) और दूसरा आईजीजी (इम्यूनोग्लोबुलिन जी)। 2 से 14 दिन तक यह लक्षण आए तो घबराएं नहीं: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीका लगने के बाद हल्का-बुखार, दर्द, सूजन, टीके वाली जगह का लाल होना आदि बदलाव 2 से 14 दिनों के भीतर आना स्वाभाविक है। इससे किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। पहला टीका लगने के बाद भी व्यक्ति को कोरोना हो सकता है।
तीसरे चरण में 1 लाख लोगों को पहला डोज
तीसरे चरण में जिले के 50 से ज्यादा उम्र के लगभग 1 लाख लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगेगा। मार्च से शुरुआत होने का अनुमान है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की जानकारी ली जा रही है। 19 से 49 साल के गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भी तीसरे चरण में ही शामिल किया जाएगा। 18 वर्ष से कम उम्र वालों को वैक्सीन के लिए फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि शासन की अनुमति नहीं मिली है।

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