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चेतावनी:खोरीमहुआ-जमुआ से मंडरो जाने वाली सड़क बारिश के कारण बनी तालाब

खोरीमहुआएक महीने पहले
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  • ग्रामीणों ने दी चेतावनी- सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर करेंगे उग्र आंदोलन

खोरीमहुआ-जमुआ मुख्यमार्ग से देवरी तथा तीसरी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाली से स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों को समस्या झेलनी पड़ रही है। वहीं बीते दिनों बंगाल की खाड़ी से उठे आस चक्रवात का असर अब भी देखा जा रहा है। वहीं क्षेत्र की बदहाल सड़कों ने सरकार के विकास कार्यों के पोल खोल कर रख दिया है। ऐसा ही वाक्या खोरीमहुआ-जमुआ मुख्यमार्ग से देवरी तीसरी को जोड़ने वाली सड़क की है जहाँ बरसात से पूर्व ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण समस्या झेलने को मजबूर है।

जबकि उक्त मुख्य सड़क से देवरी तथा तीसरी प्रखण्ड मुख्यालय हर रोज सैकड़ों राहगीर गुजरते है। पर सड़क की बदहाली से समय कि बर्बादी के साथ-साथ सम्भावित दुर्घटनाओं से राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि अशोक यादव, सिकन्दर सिंह, मुकेश चौधरी, लालजीत चौधरी, मनोज सिंह, मिथलेश उपाध्याय, रवि राणा, मिथलेश चौधरी ने बताया कि बीते कई वर्षों से सड़क की बदहाली को लेकर आवाज उठती रही है। जिस पर पहल करते हुए पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क मरम्मत को लेकर करोड़ों की योजना पास कर निर्माण कार्य कराया गया। जेई तथा विभागीय पदाधिकारियों के मिली भगत से संवेदक द्वारा भारी अनियमितता बरती गई। फलस्वरूप महज दो वर्षों में सड़क की स्थिति पूर्व से भी बदत्तर हो गया। आज स्थिति ऐसी है कि लोग इस रास्ते से गुजरने के बजाय 10 से 15 किलोमीटर घूम कर लोग जान पसन्द करते है या फिर ग्रामीण क्षेत्र की कच्ची सड़क से होकर गुजरते है। बीते वर्ष भी स्थानीय विधायक केदार हाजरा तथा कोडरमा सांसद अनपूर्णा देवी को भी अवगत कराया गया था। उन्होंने अविलम्ब उक्त कम्पनी के ख़िलाफ जांच की मांग कराने की बात भी कही थी। सड़क की पुनः मरम्मत नहीं कराया गया। स्थानीय समाजसेवी पवन बिहारी के द्वारा सड़क की बदतर स्थिति को देखते हुए डस्ट तथा मिट्टी-मोरम के द्वारा गड्ढे को भराया गया था। कहा कि अगर बरसात से पूर्व सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो हर रोज राहगीरों को सड़क दुर्घटना का शिकार होना पड़ेगा।

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