मामला दर्ज:चिरेका की महिला कर्मी को जहर देने के मामले में केस

मिहिजामएक महीने पहले
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चिरेका वर्क्स आफिस में महिला कर्मी को जबरन जहर खिला कर जान से मारने के प्रयास को लेकर चित्तरंजन पुलिस ने कस्तूरबा गांधी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में इलाजरत पीड़िता महिला के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। चित्तरंजन पुलिस ने आरोपी छपरा व्हील फैक्ट्री के कार्यालय अधीक्षक शैलेश कुमार मौर्य के खिलाफ कांड संख्या 30/21 दर्ज किया है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपी ने जहर देकर जान से मारने का प्रयास किया क्योंकि महिला अदालत से आरोपी के खिलाफ यौन शोषण का आरोप वापस नहीं लेना चाहता थी। जहर खिलाने की घटना में सीधे तौर पर चित्तरंजन रेलवे इंजन फैक्ट्री के एक उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल था। इस व्यक्ति के खिलाफ चित्तरंजन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

के वर्क्स ऑफिस के युवा कर्मचारी ने 13 सितंबर को जहर देने से पहले शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया था। मुख्य आरोपी छपरा रेल व्हील प्लांट के कार्यालय अधीक्षक शैलेश कुमार मौर्य हैं। उन्हें यौन उत्पीड़न के आरोप में 25 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन 13 अगस्त को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

पीड़िता ने छपरा थाना में भी शिकायत की थी
फैक्ट्री के कार्यालय अधीक्षक शैलेश कुमार मौर्य ने कथित तौर पर उनका यौन शोषण किया। पीड़िता ने इसकी शिकायत छपरा महिला थाने समेत कई जगहों पर की थी। आखिरकार रेलवे बोर्ड ने मामले की अहमियत को समझते हुए उन्हें छपरा से चित्तरंजन रेलवे फैक्ट्री में ट्रांसफर कर दिया। उसके बाद तीन लोगों ने लड़की को मारने के लिए चित्तरंजन रेलवे फैक्ट्री के कार्यालय के अंदर जहर दे दिया। घटना के बाद से सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

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