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प्राइवेट कंसल्टेंट से मदद:मिहिजाम शहर में आधे से अधिक ट्रांसफॉर्मर पर न फेंसिंग न चहारदीवारी, कई तो जमीन पर रखे हैं

मिहिजाम3 दिन पहले
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झारखंड का विद्युत विभाग द्वारा गांव से लेकर शहर तक कही भी सड़क किनारे खुले में लगे विद्युत ट्रांसफार्मर की घेराबंदी नहीं की गई है। जिससे कभी भी जानमाल का नुकसान हो सकता है। किसी भी प्रकार से कोई मवेशी या व्यक्ति हाई वोल्टेज विद्युत प्रवाह के चपेट में आ सकते हैं मगर विभाग इससे अनजान बना हुआ है। घेराबंदी तो दूर कई जगह ट्रांसफार्मर के आस पास फुटपाथी दुकान, कच्चे मकान, तक लगे हैं जो कभी भी खतरा बन सकते हैं।

कई जगह ट्रांसफार्मर जमीन से उतने ऊपर लगे हैं कि कोई भी आसानी से न सिर्फ बिजली आपूर्ति से छेड़खानी कर सकता है बल्कि जान माल के नुकसान होने की भी आशंका बनी हुई है। लोगों ने कई बार विभाग को खतरे से आगाह भी किया है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है, विभाग ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर के निकट ही चापानल है तो कही कुआं। कही रेवड़ियों के ठेले लगते हैं तो कही मेले। मेंटनेंस के अभाव में कई बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर पर जंगली पौधों के लत चढ़ गए हैं।

जिससे ट्रांसफॉमर्र में कभी भी समस्या आने से आग लगना तय है। मिहिजाम विद्युत विभाग के जेई परेश सोरेन ने कहा कि ट्रांसफार्मर की घेराबंदी को लेकर विभाग की ओर से अभी तक कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। खतरे को देखते हुए कई जगहों पर ट्रांसफार्मर को ऊंचे प्लेटफॉर्म बनाकर स्थापित किया गया है। लेकिन जिले के कई स्थानों पर ट्रांस्फॉमर्र जमीन से सटा हुआ है। मामले को लेकर एनएच एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिलीप शाह ने बताया कि डीपीआर तैयार करने के लिए प्राइवेट कंसल्टेंट से मदद ली जा रही हैं।

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