पेंशन विभाग:महिला को चिरेका से पेंशन पाने में लग गए पूरे 14 साल

मिहिजाम2 महीने पहले
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अपना ही सम्मान भत्ता पाने के लिए पेंशन भोगियों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। इस कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला थाना क्षेत्र के शहरडाल पंचायत अंतर्गत मोहली टोला का है। जहां चिरेका के पेंशन विभाग की लापरवाही के कारण पीड़िता हीरामुनी मोहली को अपने पेंशन भुगतान के लिए 14 वर्ष चिरेका कार्यालय का चक्कर काटना पड़ा।

गौरतलब है कि हीरामुनी मोहली का पति जो चिरेका में कार्यरत था, 2007 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पेंशन नहीं मिलने से हीरामुनी को रहन-सहन और खाने पीने को मोहताज होना पड़ गया। अशिक्षित होने की वजह से और विभागीय जानकारी नहीं होने के कारण भी हीरामुनी को कोई मदद नहीं मिली। यही कारण है कि चिरेका पेंशन विभाग की लापरवाही के कारण पीड़िता हीरामुनीको सिर्फ पीपीओ यानी पेंशन पे ऑर्डर मिलने में तीन साल का समय लगा दिया। क्योंकि बिना पीपीओ नंबर के पेंशन राशि का भुगतान बैंक द्वारा नहीं किया जाता है। लेकिन पीपीओ नंबर मिलने के बाद महिला बैंक के दलाल के चक्कर में पड़ गई।

परंतु दलाल के द्वारा भी काम करा देने की एवज में कमीशन मांगे जाने पर पेंशनधारी हीरामुनि मोहली राजी नहीं हुई। वहीं जब मामला मिहिजाम एसबीआई शाखा के मुख्य प्रबंधक डॉ गौरांग प्रसाद सिंह को मिली तो उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए तीन महीने के बाद पीड़िता को 13 लाख रुपए का भुगतान कराने में मदद की और विगत शनिवार को महिला के बैंक खाते में पेंशन राशि का भुगतान ऑनलाइन करा दिया।

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