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  • From City To Village, The Darkness Of The Roads Will Be Reduced By Solar Lights, The Squares And Intersections Of Narayanpur District Are Being Illuminated By The Highmast.

लाइट में परिवर्तन:शहर से गांव तक सोलर लाइट से छंटेगा सड़कों का अंधेरा, हाईमास्ट से रोशन हो रहे हैं नारायणपुर जिले के चौक-चौराहे

नारायणपुर12 दिन पहले
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जिले के चौक-चौराहे हाईमास्ट से रोशन हो रहे हैं। - Dainik Bhaskar
जिले के चौक-चौराहे हाईमास्ट से रोशन हो रहे हैं।
  • जिले में लगाए गए 63 नग सोलर हाईमास्ट, अभी और लगेंगे

अक्सर ऐसा होता हैं जब पावर सप्लाई न बंद होने पर सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें भी बंद हो जाती है, जिसके बाद सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है। इसकी वजह से राहगीरों की आने-जाने में परेशानी तो होती ही है, साथ ही उस अंधेरे में घटनाएं भी हो जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि अब रात में सड़कों को रोशन बिजली नहीं सूर्य की किरणें करेंगी।

दरअसल जिला प्रशासन ने सड़कों को अंधेरे से मुक्त करने के लिए यहां सोलर लाइट लगाने की योजना तैयार की है। योजना के तहत जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले के नगरीय क्षेत्र एवं अंदरूनी गांवों को सौर ऊर्जा से राेशन किया जा रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से जिले के विभिन्न स्थानों पर अब तक 63 सोलर हाईमास्ट लाइट लगवाई जा चुकी है।

सोलर हाईमास्ट लगने से रात में दूधिया रोशनी होने से ग्रामीण जनता के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भी सोलर हाईमास्ट संयंत्र लगा कार्यशील किया गया है, अभी भी कई जगह हाईमास्ट संयंत्र स्थापना कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने बताया ग्रामों, कस्बों, निकायों व शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए सौर चलित आकर्षक हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।

क्रेडा विभाग को मली रख-रखाव की जिम्मेदारी

इसके संधारण और रखरखाव का जिम्मा भी क्रेडा विभाग का होगा। क्रेडा विभाग द्वारा स्थापित किए गए और किए जा रहे इन संयंत्रों में पांच साल की वारंटी होती है।

साथ ही इतने ही वर्षों तक का रख-रखाव क्रेडा द्वारा किया जाता है। संयंत्र स्थापना उपरांत असमाजिक तत्वों से नुकसान न पहुंचे इसलिए सुरक्षा के लिए ग्राम/नगर पंचायत का सहारा लिया जाता है। क्रेडा विभाग के अनुसार प्रत्येक सोलर हाईमास्ट की ऊंचाई 9 मीटर है। इसमें 30-30 वाट क्षमता की 6 एलईडी लाइटें लगाई जा रही है। साथ ही 900 वाट क्षमता के सोलर पैनल प्रत्येक हाईमास्ट पर लगाया जा रहें हैं। इससे बिजली बचेगी।

सोलर हाईमास्ट में 30-30 वाट क्षमता की 6 एलईडी

इस लाइट की ऊंचाई 9 मीटर बताई जा रही है। इसकी रोशनी का फैलाव 40 मीटर दूर तक की सड़कों तक होगा। यही नहीं इस दूधिया लाइट से शहर और ग्रामों के चौक-चौराहों व अन्य स्थलों की सुंदरता भी बढ़ जाएगी। साथ ही लोगों के मन में बैठे सड़क के अंधेरे का डर भी समाप्त हो जाएगा। नारायणपुर शहर के पालिका क्षेत्र में भी सामुदायिक स्थालों पर रोशनी के लिए सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई है।

हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना से ग्रामीण खुश

जिन ग्रामों में सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना पूरी हो गई, वहां ग्रामीणजन काफी प्रसन्न हैं। वे बताते हैं कि जब संयंत्र नहीं लगे थे, तब रात के अंधेरे में एक स्थान से दूसरे स्थान आने-जाने में असहज महसूस करते थे। अब इन हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना से वे आसानी से भयमुक्त होकर आवागमन कर पाते हैं। उनका यह भी कहना है कि सौर संयंत्रों से पर्याप्त रोशनी की वजह से अब चौक चौराहो में व्यावसायिक गतिविधियां रात तक संचालित रहती हैं। इससे दैनिक उपयोग की आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं।

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