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हर घर के लिए जरूरी खबर:वासेपुर में 30 माह, ताे हीरापुर-चीरागोड़ा में 12 महीने से नहीं हुई जलमीनार की सफाई

धनबाद19 दिन पहले
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  • यह सीधे हमारी सेहत से जुड़ा मामला है

काेराेना काल में साफ-सफाई और हाईजीन का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सबसे जरूरी है पेयजल का शुद्ध हाेना। लेकिन क्या हमारे घराें तक शुद्ध पेयजल की सप्लाई हाे रही है। इसकी पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर ने शहरी क्षेत्र की सभी जलमीनाराें का जायजा लिया। इसमें चाैंकानेवाली लापरवाही का पता चला। वासेपुर की जलमीनार काे पिछली बार दिसंबर 2018 में साफ किया गया था। यानी पिछले 30 महीनाें में एक बार भी इसकी सफाई नहीं हुई।

हीरापुर, चीरागोड़ा, पुराना बाजार की टंकियों की सफाई के भी 12 महीने गुजर चुके हैं। इसी तरह, 6 अन्य जलमीनाराें की सफाई हुए भी 6 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति का जिम्मा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडब्ल्यूएसडी) धनबाद प्रमंडल-1 का है। उसके अधिकारी भी बताते हैं कि नियमत: हर छह महीने पर टंकियाें की सफाई हाे जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हमारे शहर में नहीं हाे पा रहा है। अफसराें के पास इस बात का जवाब नहीं है कि जब हमें नियमित स्वच्छ और शुद्ध जलापूर्ति के नाम पर हर साल कराेड़ाें खर्च किए जाते हैं, ताे फिर हमारी सेहत से खिलवाड़ क्याें किया जा रहा है।

वासेपुर- ऑपरेटर ने कहा- दाे साल में नहीं देखी सफाई

वासेपुर पानी टंकी के ऑपरेटर डबलू ने पूछने पर बताया कि वह दाे साल से वहां तैनात है। इस दाैरान एक बार भी टंकी काे साफ नहीं किया गया। वहीं एई राहुल प्रियदर्शी का कहना है कि वासेपुर जलमीनार के पानी की नियमित टेस्टिंग हाेती है। सफाई भी कराई जाती है। हालांकि वे यह नहीं बता सके कि पिछली बार इस टंकी की सफाई कब की गई थी।

6 लाख की आबादी काे मैथन डैम से हाेती है पानी की सप्लाई

धनबाद शहर काे पानी की सप्लाई मैथन डैम से की जाती है। उसे भेलाटांड़ के ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध कर 19 जलमीनाराें से हमारे घराें तक पहुंचाया जाता है। 6 लाख की आबादी की प्यास इसी सप्लाई वाटर से बुझती है। डीडब्ल्यूएसडी ने इन 19 जलमीनाराें के रख-रखाव व साफ-सफाई का जिम्मा ठेका कंपनी काे साैंप रखा है। लेकिन, उसने 10 की सफाई पिछले 6 माह में नहीं की। विभागीय अफसराें ने भी कभी इस पर ध्यान नहीं दिया।

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