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रेलवे चाइल्ड लाइन:पाकुड़ व गाेड्डा से तामिलनाडु ले जाए जा रहे 32 बच्चे धनबाद स्टेशन से बरामद, आठ को रोका

धनबाद13 दिन पहले
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नबाद स्टेशन पहुंचे पूछताछ करते चाइल्ड लाइन के सदस्य। - Dainik Bhaskar
नबाद स्टेशन पहुंचे पूछताछ करते चाइल्ड लाइन के सदस्य।
  • रेलवे चाइल्ड लाइन ने 8 किशाेराें काे सीडब्ल्यूसी के समक्ष किया प्रस्तुत, परिजनाें काे बुलाया गया

रेलवे चाइल्ड लाइन ने स्टेशन परिसर से मंगलवार काे 32 किशाेर व नाबालिगाें काे बरामद किया है। रेलवे चाइल्ड लाइन काे सूचना मिली थी कि पाकुड़ व गाेड्डा से किशाेर एवं नाबालिगाें काे काम कराने के लिए तामिलनाडु ले जाया जा रहा है। जिसके बाद रेलवे चाइल्ड लाइन एक्टिव हुई। हालांकि बच्चाें काे ले जा रहे पाकुड के अब्राहम मारिया ने चाइल्ड लाइन काे बताया कि बच्चाें काे तामिलनाडू के काेयम्बटूर शस्वी इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एकस्लेंस में पढ़ाई कराने के लिए ले जा रहे हैं।

जांच में 8 बच्चे ऐसे मिले जिनके पास किसी प्रकार के पहचान पत्र नहीं थे। चाइल्ड लाइन के नंदकिशाेर ने आठाें बच्चाें काे सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चाें के परिजनाें काे धनबाद बुलाया है। चाइल्ड लाइन ने स्कूल से भी संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन ने चाइल्ड लाइन काे बताया कि सभी बच्चे उनके स्कूल में पढ़ाई करते हैं। साक्ष्य के ताैर पर स्कूल प्रबंधन ने स्कूल में माैजूद बच्चाें के एडमिशन संबंधित कागजात भेजे। नंदकिशाेर ने बताया कि जांच में बच्चाें काे मिशनरी स्कूल ले जाने की पुष्टि हुई है। आठ बच्चाें के पास कागजात नहीं थे। छानबीन के लिए उन्हें राेका गया है।

बच्चाें के परिजनाें ने सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
तामिलनाडू जा रहे बच्चाें की उम्र 8 से 15 साल के बीच के थे। परिजनाें के मुताबिक वे खेती कर परिवार काे पालते हैं। उनके पास इतना पैसा नहीं है कि बच्चाें काे बेहतर शिक्षा दे सकें। मिशनरी स्कूल में पढ़ाई से लेकर रहने, खाने-पीने व ड्रेस की फ्री व्यवस्था है। इस कारण उन्हें स्कूूल में भर्ती कराने ले जा रहे हैं। कुछ ऐसे भी बच्चे थे जाे पहले से स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। गाेड्डा महुआटांड़ के रहने वाले हाेपन बाबू ने कहा कि वह दाे बच्चाें काे भर्ती कराने ले जा रहे हैं।

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