हर्बल उत्पाद का काराेबार:देवघर में रेंजर के घर से मिले 3.85 कराेड़ रु. और जमीन के कागजात

धनबाद7 महीने पहले
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देवघर में रेंजर का आवास। - Dainik Bhaskar
देवघर में रेंजर का आवास।
  • अमहरा कंस्ट्रक्शन के मालिक और उनके रेंजर भाई के ठिकानाें पर आयकर छापे

आयकर विभाग ने पटना की कंस्ट्रक्शन कंपनी अमहरा कंस्ट्रक्शन के पटना, देवघर, काेलकाता और पुणे समेत नाै ठिकानाें पर छापेमारी की। इस दाैरान कंपनी के मालिक पटना के राकेश सिंह और उनके भाई राजेश सिंह के आवास, कार्यालय व अन्य ठिकानाें की तलाशी ली गई। राजेश सिंह वन विभाग में रेंजर हैं और बिहार के चकाई में तैनात हैं।

देवघर में सत्संग माेड़ के पास अमहराकुंज में उनकी आलीशान बिल्डंग में छापेमारी के दाैरान आयकर विभाग काे 3.85 कराेड़ रुपए नकद और जमीन व फ्लैट के कई दस्तावेज मिले। यह बिल्डिंग रेंजर की पत्नी मीसा सिंह के नाम है। मीसा सिंह इसी बिल्डिंग से हर्बल उत्पाद का काराेबार करती हैं।

बुधवार दाेपहर से शुरू हुई आयकर विभाग की कार्रवाई गुरुवार देर रात तक जारी रही। इस दाैरान दाेनाें भाइयाें के ठिकानाें से जब्त दस्तावेज की आरंभिक जांच के बाद आयकर विभाग ने 125 कराेड़ रुपए की हेराफेरी पकड़ने की बात कही है। उनके ठिकानाें से जब्त दस्तावेज से यह भी पता चला है कि देवघर समेत पटना के अमहरा व नेउरा के अलावा पुणे, नाेएडा, गाजियाबाद, काेलकाता और मुंबई में दर्जनाें फ्लैट और जमीन खरीदे गए हैं।

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, जीएसटी छुपाने और कम रिटर्न दिखाने की शिकायत के बाद आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है। छापेमारी का नेतृत्व पटना आयकर प्रक्षेत्र कर रहा है। इसमें देवघर, धनबाद और भागलपुर की आयकर टीम का सहयाेग लिया जा रहा है। छापेमारी के बाद पूरे मामले की जांच पटना आयकर प्रक्षेत्र करेगा।

छापेमारी के दौरान बेनामी लेनदेन और जीएसटी में हेराफेरी के भी सबूत मिले

छापेमारी के दाैरान जब्त दस्तावेजाें से पता चला कि दाेनाें भाइयाें से जुड़ी कंपनियाें के जरिए 125 कराेड़ रुपए की बेनामी लेनदेन हुई। लेनदेन के लिए बाेगस बिल का इस्तेमाल किया गया। कराेड़ाें रुपए की जीएसटी छुपाने के भी साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग के उच्च पदस्थ सूत्राें का कहना है कि फ्लैट और जमीन की खरीदारी ब्लैकमनी के जरिए की गई। 50 से अधिक जगह फ्लैट, जमीन और मकान खरीदकर काला धन खपाया गया। वहीं आयकर रिटर्न में आमदनी काफी कम दिखाई गई है। जबकि छापे के दाैरान मिली चल-अचल संपत्तियां वास्तविक आय से कई गुणा ज्यादा हैं।

आयकर रिटर्न और आंतरिक जांच ने छापे की रखी नींव
अमहरा कंस्ट्रक्शन बिहार में बड़े-बड़े ठेके लेती है। सरकारी व गैर सरकारी ठेकों में सालाना करोड़ों का भुगतान होता है। वहीं आयकर रिटर्न में कंपनी जितनी आमदनी दिखाती रही है, उस पर कई माध्यमों से आयकर विभाग को इनपुट्स मिले थे। इसके बाद एक विशेष टीम ने कंपनी व उनके कर्ता-धर्ताओं की आमदनी व खर्च की गोपनीय ढंग से पड़ताल की।

बैंकों से भी इनपुट्स लिए गए। फिर टीम की रिपोर्ट में 100 करोड़ के अधिक के संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आई। रेंजर राजेश सिंह पर भी पत्नी के नाम पर ब्लैकमनी खपाने की जानकारी विभाग को मिली। इसके बाद कंपनी के सभी ठिकानों पर छापे की रणनीति तैयार की।

5 लॉकर समेत बैंक व डाकघरों के खाते फ्रीज

छापेमारी के दौरान पांच बैंक लॉकराें के भी दस्तावेज मिले। वहीं बिहार और देवघर में भी कई बैंकों व डाकघरों में खाते मिले। आयकर विभाग की सूचना पर संबंधित लॉकर और खाते फ्रीज करवा दिए हैं। आयकर विभाग को अंदेशा है कि लॉकरों में भारी मात्रा में आभूषण व अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिल सकते हैं, वहीं खातों में बड़ी रकम मिल सकती है।

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