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सुखद खबर:दिल में 5 सुराग, फेफड़े 20 प्रतिशत से अधिक संक्रमित; फिर भी दिव्यांग काैशल ने 6 दिनों में दी काेराेना काे मात

धनबादएक महीने पहले
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काैशल - Dainik Bhaskar
काैशल
  • ऑक्सीजन लेवल गिर रहा था, डॉक्टरों की सूझबूझ से कौशल अब स्वस्थ

कौशल अग्रवाल...। उम्र 20 साल...। दिव्यांग है...। दिल में जन्म से ही 5 सुराख...। फिर कोरोना की जद में आने फेफड़े 20 फीसदी से अधिक संक्रमित हो गए। ऑक्सीजन लेवल तेजी से नीचे जा रहा था। इसके बावजूद कौशल ने अपनी जिजीविषा, साहस और आत्मविश्वास का अभूतपूर्व परिचय देते हुए कोरोना को 8 दिनों में मात दे दी।

शास्त्री नगर बैंक मोड़ में रहने वाले कौशल का कोरोना का इलाज पाटलिपुत्र नर्सिंग होम में हुआ। डॉक्टरों के लिए यह केस चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि फेफड़े संक्रमित होने के कारण ऑक्सीजन लेवल गिरता जा रहा था। कौशल कुछ खा नहीं पा रहा था। चिकित्सक डॉ निर्मल ड्रोलिया कहते हैं कि सही इलाज व मरीज का साहस ने यहां कोरोना को हराया।

डॉक्टर ने बताया- दिल में सुराख था, इसका ख्याल रख इलाज किया

1. काैशल काे अभी हल्के लक्षण ही आए थे। मामूली बुखार और लूज माेशन की भी शिकायत थी। परेशानी थी कि वह कुछ खा नहीं खा रहा था और सुस्त हाे गया था। ऐसे में ऐसी दवाएं दी गईं, जो कौशल की शारीरिक ताकत लौटाने के साथ कोरोना में भी लड़ने में सहायक हो।

2. काैशल का ऑक्सीजन लेवल सामान्य से नीचे जा रहा था। हालांकि बाद में उसे ऑक्सीजन दी गई तो वह संभलने लगा था और उसके बाद लेवल सामान्य होता चला गया।

3. काैशल के दिल में बचपन से सुराख हैं। इस पर अभी परेशानी अधिक नहीं थी। इसलिए इलाज के बाद जल्दी रिकवर कर गया। उन्हें वैसी दवाएं दी गईं, जिससे उससे दिल की बीमारी से संबंधित परेशानी न हाे।

4. कौशल के फेफड़े 20 प्रतिशत संक्रमित हुए थे। उसे इंजेक्शन देना जरूरी थी, परंतु वह इंजेक्शन देख घबरा जाता था। हालांकि बाद में स्थिति हमारे अनुरूप आई और वह इंजेक्शन लेने को तैयार हुआ।

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