पांच कोयला अधिकारियों समेत 7 के खिलाफ केस दर्ज:चतरा की आम्रपाली परियोजना में 83.28 करोड़ का कोयला घोटाला, स्टॉक में बताया 18 लाख मीट्रिक टन, सीबीआई जांच में निकला आधा

धनबाद9 महीने पहले
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कोयला कम होने के बावजूद कंपनी को किया गया भुगतान। - Dainik Bhaskar
कोयला कम होने के बावजूद कंपनी को किया गया भुगतान।

सीबीआई ने चतरा के मगध आम्रपाली एरिया स्थित सीसीएल की आम्रपाली परियोजना में 83.28 करोड़ रु. का कोयला घोटाला पकड़ा है। इसके बाद बुधवार को पांच कोयला अधिकारियों समेत 7 के खिलाफ केस दर्ज किया।

जिनके खिलाफ एफआईआर की गई है, उनमें पांच सीसीएल अधिकारी और कोलकाता की ज्वाइंट वेंचर कंपनी मेसर्स एएमपीएल-एमआईपीएल-सीजीएल और उनके निदेशक हैं।सीबीआई ने एफआईआर में कहा है कि ज्वाइंट वेंचर कंपनी की मिलीभगत से सीसीएल अधिकारियों ने कोयले की ओवर रिपोर्टिंग की।

यानी आम्रपाली परियोजना के ओपनिंग बुक बैलेंस में कोलडंप (स्टॉक) में 18.4 लाख मीट्रिक टन कोयला बताया, जबकि जांच में 9.28 लाख मीट्रिक टन कोयला ही मिला। इस लिहाज से सीसीएल को 83.63 करोड़ रु. का नुकसान हुआ। कोयला कम होने के बावजूद ज्वाइंट वेंचर कंपनी को भुगतान कर दिया गया।

मेजरमेंट बुक में छेड़छाड़, 8.75 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब

रांची सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि सूचना मिल रही थी कि आम्रपाली परियोजना के अधिकारी व ज्वाइंट वेंचर कंपनी के पदाधिकारी मेजरमेंट बुक में छेड़छाड़ कर कोयला गायब करा रहे हैं। इसके बाद सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों संग टीम बना छानबीन की गई।

सीबीआई व सीसीएल की विजिलेंस की संयुक्त टीम ने 30 अगस्त 2019 को आम्रपाली परियोजना में औचक जांच की। इसमें 8.75 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब मिला। मेसर्स एएमपीएल-एमआइपीएल-जीसीएल को आम्रपाली परियोजना में खनन से लेकर डंपिंग तक की जिम्मेदारी थी।

ये है नियम: कोलडंप में 5% कम या ज्यादा कोयला मिलना ही जायज
सीसीएल में कोलडंप मेंे कोयले की उपलब्धता का मानक तय है। नियम के अनुसार, कोलडंप में यदि पांच प्रतिशत कम या ज्यादा कोयला उपलब्ध है तो उसे जायज माना जाता है। कोयले की उपलब्धता यदि पांच प्रतिशत से कम या अधिक है तो यह जांच के घेरे में आ जाता है। आम्रपाली परियोजना में जांच के दौरान 48.54 प्रतिशत टन कोयला कम मिला।

सीबीआई ने इन्हें बनाया आरोपी

1. दिलीप कुमार शर्मा, परियोजना पदाधिकारी, आम्रपाली परियोजना
2. शंभु कुमार झा, मैनेजर, आम्रपाली परियोजना
3. उमेश कुमार सिंह, सीनियर मैनेजर (सर्वेयर), मगध आम्रपाली एरिया
4. पंकज कुमार झा, सीनियर अॉफिसर (सर्वेयर), मगध आम्रपाली एरिया
5. निहार रंजन साव, चीफ मैनेजर (माइनिंग), मगध आम्रपाली एरिया
6. मेसर्स एएमपीएल-एमआईपीएल-सीजीएल (ज्वाइंट वेंचर), कोलकाता
7. मेसर्स एएमपीएल-एमआईपीएल -सीजीएल (ज्वाइंट वेंचर), कोलकाता के सभी डायरेक्टर