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  • Amin Is Not Getting The Demands, That Is Why The Team Of Shaj And Valuer Company Pramed Consultancy Has Been Sitting For 5 Days.

सरकारी व गैर सरकारी भवनाें मूल्यांकन का काम फंसा:मांगे नहीं मिल रहे अमीन, इसी वजह से 5 दिनाें से बैठी है शाज और वैल्यूअर कंपनी प्रमाेद कंसल्टेंसी की टीम

धनबादएक महीने पहलेलेखक: केके सुनील
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गोविंदपुर के पास एनएच 32 के किनारे भवनों के मूल्यांकन के लिए डिमार्केशन करती टीम। - Dainik Bhaskar
गोविंदपुर के पास एनएच 32 के किनारे भवनों के मूल्यांकन के लिए डिमार्केशन करती टीम।
  • गाेविंदपुर से महुदा तक एनएच 32 के चाैड़ीकरण के लिए भवनाें का मूल्यांकन जरूरी, 75 दिनाें में पूरा कर लेना है यह काम, लेकिन 14 दिन यूं ही गुजर गए, अमीन के बगैर ही शुरू किया गाेविंदपुर के पास भवनाें का डिमार्केशन

गाेविंदपुर से महुदा तक एनएच 32 के दाेनाें किनाराें पर बने सरकारी व गैर सरकारी भवनाें के मूल्यांकन का काम 14 दिनाें से फंसा हुआ है। वजह यह है कि वैल्यूअर कंपनी काे सरकारी अमीन उपलब्ध ही नहीं कराए गए हैं। सरकारी वैल्यूअर कंपनी जमशेदपुर की प्रमाेद कंसल्टेंसी और स्टेट हाइवे अथाॅरिटी ऑफ झारखंड (शाज) की टीम पहले ताे 9 दिनाें तक अमीन मिलने का इंतजार करती रही। 5 दिन पहले टीम धनबाद आ गई, फिर भी उसे सरकारी अमीन नहीं उपलब्ध कराया गया।

कंसल्टेंसी के सुपरवाइजर विकास कुमार ने कहा कि अमीन के बगैर ही गाेविंदपुर के पास भवनाें का डिमार्केशन शुरू कर दिया गया है, पर बिना अमीन के मूल्यांकन संभव नहीं। गाैरतलब है कि गाेविंदपुर से महुदा तक एनएच-32 के दाेनाें किनाराें की जमीन का मूल्यांकन के अभाव में अधिग्रहण नहीं हाेने की वजह से ही गाेविंदपुर से लेकर स्टील गेट तक, पुलिस लाइन, रणधीर वर्मा चाैक, समाहरणालय, एसएसपी ऑफिस, डीआरएम ऑफिस आदि जगहाें पर 2 साल से चाैड़ीकरण का काम फंसा है।

करीब 225 सरकारी व अन्य भवनाें का किया जाना है मूल्यांकन

आरसीडी के मुताबिक, गाेविंदपुर से महुदा तक करीब 225 भवनाें का मूल्यांकन किया जाना है। भवन प्रमंडल ने टेंडर के जरिए प्रमाेद कंसल्टेंसी काे सरकारी वैल्यूअर नियुक्त किया। 26 नवंबर, 2021 काे करार हुआ, जिसके तहत कंपनी काे 75 दिनाें में मूल्यांकन कर रिपाेर्ट साैंप देनी है।

जिले में 25 अमीनाें की जरूरत, हैं सिर्फ 12

जिला भू अर्जन पदाधिकारी सह डीसीएलआर सतीश चंद्रा का कहना है कि जिलाभर में सड़काें का चाैड़ीकरण हो रहा है। कई जगहाें पर भूमि अधिग्रहण की जरूरत है। इसके लिए कम-से=कम 25 सरकारी अमीनाें की जरूरत है। हालांकि, सभी 11 अंचलाें व भू-अर्जन विभाग काे मिलाकर कुल 12 सरकारी अमीन ही कार्यरत हैं।

राजस्व विभाग और भू-अर्जन विभाग काे लगातार रिमाइंडर भेजा जा रहा है कि वे जल्द सरकारी अमीन उपलब्ध कराएं। अमीन नहीं मिलने के कारण ही मूल्यांकन का काम बाधित हाे रहा है। - राज कुमार राणा, ईई, भवन प्रमंडल, धनबाद

वैल्यूअर कंपनी काे जल्द सरकारी अमीन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकारी नहीं मिलने पर आउटसाेर्सिंग पर अमीन उपलब्ध कराएंगे। - डाॅ कुमार ताराचंद, प्रभारी अपर समाहर्ता सह एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर, धनबाद

भवनाें के मूल्यांकन के लिए संबंधित सभी सीओ को अमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही वैल्यूअर काे अमीन मिल जाएंगे। - सतीश चंद्रा, डीएलओ सह डीसीएलआर, धनबाद

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