गांव की सरकार:बाघमारा के तांतरी निवासी बैकुंठ सिंह चाैधरी बने थे पहले चेयरमैन

धनबाद2 महीने पहलेलेखक: केके सुनील
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  • इससे पहले भी साल 1948 से 62 से तक लगातार 14 साल लाेकल बाॅडी के चेयरमैन रहे
  • 1956 में धनबाद जिला बना, चार साल बाद हुआ डिस्ट्रिक्ट बाेर्ड का गठन

24 अक्टूबर, 1956 काे धनबाद जिला अस्तित्व में आया। साल 1962 में पहली बार धनबाद डिस्ट्रिक्ट बाेर्ड बना। बाघमारा प्रखंड के तांतरी गांव के रहनेवाले बैकुंठ सिंह चाैधरी इसके पहले चेयरमैन बने। इससे पहले गांव की सरकार के लिए यहां लाेकल बाॅडी का चुनाव हाेता था और उसमें भी बैकुंठ सिंह चाैधरी साल 1948 से 1962 तक लगातार 14 साल चेयरमैन रहे थे। गांधी विचारधारा के बैकुंठ सिंह चाैधरी की धनबाद में अलग पहचान थी। उनके पाैत्र तुलसी सिंह चाैधरी बताते हैं कि उनकी लाेकप्रियता काे देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें धनबाद जिले का ज्यूरी भी बनाया था। स्वतंत्रता सेनानी रह चुके बैकुंठ की 1978 में मृत्यु हाे गई थी।

श्रीबाबू के थे करीबी, ताेपचांची से विस का चुनाव भी लड़े
बैकुंठ सिंह चाैधरी धनबाद में श्रीबाबू के खास माने जाते थे। एआईसीसी के सदस्य भी थे। साल 1957 में कांग्रेस के टिकट पर ताेपचांची विस क्षेत्र से चुनाव लड़े थे, पर मामूली अंतर से हार गए थे। साल 1967 में जिला परिषद के बजाय उन्हाेंने प्रखंड प्रमुख बनना पसंद किया। 1977 तक दाे टर्म ताेपचांची प्रखंड के प्रमुख रहे। उनके बाद बेटे रघुनंदन सिंह चाैधरी भी ताेपचांची प्रखंड के प्रमुख बने।

ताेपचांची में हाई स्कूल, गर्ल्स हाई स्कूल की स्थापना की
बैकुंठ सिंह चाैधरी ने ताेपचांची के दुर्गा महताे से जमीन दान में लेकर हाई स्कूल की स्थापना की। वहीं, अपने गांव तांतरी में गर्ल्स हाई स्कूल भी खुलवाया। उनके पाैत्र तुलसी सिंह चाैधरी बताते हैं कि ताेपचांची हाई स्कूल में पढ़े कई स्टूडेंट भारतीय व राज्य प्रशासनिक सेवा में गए। पहले शिक्षकाें की बहाली डिस्ट्रिक्ट बाेर्ड से हाेती थी। बैकुंठ सिंह चाैधरी के कार्यकाल में हजाराें शिक्षक बहाल हुए।

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