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निरसा-गाेविंदपुर जलापूर्ति याेजना:बैंक गारंटी व एडवांस निकासी पर राेक लगी, ताे टहल कंपनी ने हाई काेर्ट में दायर की याचिका

धनबाद17 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • डीडब्ल्यूएसडी और टहल कंपनी के बीच का विवाद गहराया

729 कराेड़ रुपए की निरसा-गाेविंदपुर जलापूर्ति याेजना के काम से जुड़ा डीडब्ल्यूएसडी धनबाद प्रमंडल-1 और इजरायल की टहल कंपनी के बीच का विवाद झारखंड हाई काेर्ट तक पहुंच गया है। विवाद की मुख्य वजह है काम पूरा हाेने में देरी। साल 2018 में शुरू हुई इस याेजना का काम करार के मुताबिक दिसंबर 2000 तक ही पूरा हाे जाना चाहिए था, लेकिन अब तक 50 फीसदी काम भी नहीं हुआ।

बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति नहीं सुधरने के बाद डीडब्ल्यूएसडी के ईई ने याेजना में टहल कंपनी की बैंक गारंटी और माेबलाइजेशन एडवांस की राशि निकालने पर राेक लगा दी। उसके बाद कंपनी काे टर्मिनेट करने का नाेटिस भी भेज दिया। वहीं, डीडब्ल्यूएसडी की इस कार्रवाई के विरुद्ध टहल कंपनी प्रबंधन झारखंड हाई काेर्ट में मामला दायर कर दिया।

विभागीय सचिव, पदाधिकारियाें व यस बैंक के अधिकारी काे बनाया पार्टी

डीडब्ल्यूएसडी धनबाद प्रमंडल-1 के ईई मनीष कुमार का कहना है कि बैंक गारंटी और माेबलाइजेशन एडवांस पर राेक लगाना तथा डिबार या टर्मिनेशन का नाेटिस भेजना एक तरह से विभागीय चेतावनी है, ताकि काम में तेजी आाए। कंपनी काे लगे कि विभाग काम के प्रति गंभीर है और लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी हाे सकती है। लेकिन, टहल कंपनी ने हाई काेर्ट में मामला दायर कर दिया। विभागीय सचिव, धनबाद के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित कई अधिकारियाें काे पार्टी बना दिया। यहां तक कि यस बैंक के अधिकारियाें काे भी पार्टी बना दिया है।

विभाग के अधिकारियाें से मिलकर जल्द रखेंगे अपना पक्ष- एवीपी

वहीं, टहल कंपनी के धनबाद जाेन के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट राकेश कुमार का कहना है कि बैंक गारंटी और माेबलाइजेशन एडवांस का मामला कंपनी के एकाउंट और लीगल सेक्शन का मामला है। एकाउंट व लीगल विभाग ने हाई काेर्ट में याचिका दायर की है या नहीं, इस बारे में विशेष जानकारी नहीं है। टर्मिनेशन के नाेटिस का मामला कंपनी के प्रशासनिक स्तर का मामला है। जल्द ही कंपनी के प्रतिनिधि डीडब्ल्यूएसडी के अधिकारियाें के साथ बैठक कर अपना पक्ष रखेंगे।

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