अंजुम आरा हत्याकांड:बुरी तरह पीटा, जंग लगा सूआ चुभाेया, जंजीर से बांधा हालत बिगड़ने पर ले गए अस्पताल, माैत के बाद भागे

धनबाद10 दिन पहले
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पति के साथ अंजुम (निकाह के बाद का फोटो) - Dainik Bhaskar
पति के साथ अंजुम (निकाह के बाद का फोटो)
  • फरार पति, सास, ससुर, दाे ननदें आसनसाेल स्टेशन से गिरफ्तार, पूछताछ में खुलासा
  • आराेपियाें के पास से लाेहे का सूआ, नुकीली रेती, सिलाई काटने की कटरनुमा कैंची, लाेहे की दाे जंजीरें, 7 माेबाइल फाेन किए गए बरामद
  • पाेस्टमार्टम रिपाेर्ट में टेटनस से माैत होने की पुष्टि, दो रिश्तेदार पहले ही पकड़कर भेजे जा चुके हैं जेल

गाेविंदपुर निवासी माेबिन अंसारी की बेटी अंजुम आरा काे उसके ससुराल वालाें ने तड़पा-तड़पा कर मारा था। उसकी हत्या के आराेपियाें उसके पति, सास-ससुर और दाे ननदाें काे एसआईटी ने शुक्रवार काे आसनसाेल स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ में पता चला कि दहेज के लिए अंजुम काे ससुराल में काफी यातनाएं दी गई थीं। घर में उसे जंजीराें में बांध कर रखा जाता था। उसे बुरी तरह पीटा गया था और फिर शरीर में कई जगहाें पर जंग लगा सूआ (बड़ी माेटी सूई) चुभाे दिया गया था। स्थिति बिगड़ने पर दिखावे के लिए बाेकाराे जेनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 दिसंबर 2021 काे अंजुम की माैत हाे गई थी। उसके बाद ससुराल वाले शव वहीं छाेड़कर भाग गए थे। मायकेवालाें काे जानकारी मिली, ताे वे अस्पताल पहुंचे। वहां, पाेस्टमार्टम के बाद शव लेकर वे मुनीडीह ओपी पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पाेस्टमार्टम रिपाेर्ट में अंजुम की माैत का कारण टेटनस बताया गया है।

मायकेवालाें ने अंजुम के ससुरालवालाें पर हत्या का आराेप लगाया था। गाेविंदपुर के गणमान्य लाेगाें और नेताओं ने भी एसएसपी से आराेपियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी ने एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी टीम बनाई थी। उसमें केंदुआडीह सर्किल के इंस्पेक्टर, मुनीडीह ओपी प्रभारी, पुटकी, जाेगता व लाेयाबाद के दाराेगाओं काे शामिल किया गया था।

टीम ने टेक्निकल सेल की मदद से पति मृतका के पति रियाजुद्दीन, ससुर सहाबुद्दीन, सास जुबैदा खातून, ननदाें नुरैशा खातून और कुरैशा खातुन काे आसनसाेल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस काे लाेहे का सुआ, नुकीला रेती, सिलाई कटाने वाली कटरनुमा कैंची, लाेहे की दाे जंजीर, सात माेबाइल फाेन बरामद किए गए हैं।

फरारी में बदलते रहे ठिकाना, माेबाइल नंबर
जानकारी के मुताबिक, अंजुम की माैत के बाद आराेपियाें काे गिरफ्तार करने का पुलिस पर लगातार दबाव था। पुलिस टेक्निकल सेल की मदद से आराेपियाें के माेबाइल लाेकेशन की जानकारी हासिल कर रही थी। आराेपी लगातार अपनी जगह और माेबाइल का सिम कार्ड बदल रहे थे। बाेकाराे के बाद वे खरसावां, रांची, मांडू और हजारीबाग में अपने रिश्तेदाराें के यहां छिपकर रहे थे। हजारीबाग में उनके ठिकाने पर पुलिस ने छापेमारी की थी, लेकिन वे पिछले दरवाजे से भाग निकले थे। वहां से वे जमशेदपुर और पुरुलिया हाेते हुए असानसाेल स्टेशन पहुंचे, जहां पकड़ लिए गए।

दहेज में कर रहे थे पांच लाख रुपए और कार की डिमांड
माेबिन अंसारी ने पुलिस काे बताया था कि उन्हाेंने बेटी अंजुम का निकाह मुनीडीह में रहने वाले रियाजुद्दीन के साथ 10 अगस्त 2021 काे कराया था। आराेप है कि सुसराल वाले दहेज में पांच लाख रुपए और कार की मांग कर रहे थे। दहेज नहीं दे पाने के कारण बेटी काे मानसिक व शारीरिक यातनाएं दी जा रही थीं और आखिरकार उसकी हत्या ही कर दी गई। इसी मामले में पुलिस ने 31 दिसंबर 2021 काे रियाजुद्दीन की रिश्तेदार बीबी जान और 7 जनवरी काे अमर अली उर्फ उमर अंसारी काे गिरफ्तार किया था। दाेनाें काे काेर्ट ने जेल भेज दिया था।

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