पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मेयर पद आरक्षित या सामान्य:वेट एंड वाॅच के बीच भाजपा के 8, कांग्रेस के 2 और झामुमो के 1 नेता ने ठाेकी दावेदारी

धनबादएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • प्रशासन मतदाता सूची तैयार करने में जुटा, नेताओं ने शुरू की चुनाव की तैयारी
  • कुछ ने खोले पत्ते तो कुछ ने कहा...हर स्थिति को तैयार, समय पर देंगे जवाब

मतदाता सूची की तैयारी के साथ नगर निगम चुनाव काे लेकर सरगर्मी तेज हाे गई है। विभिन्न पदाें के दावेदाराें ने चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। साेशल मीडिया में प्रचार का दाैर भी शुरू हाे गया है। निकाय चुनाव काे लेकर आम से लेकर खास में जिस पद काे लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है मेयर का पद।

इसकाे लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं। मेयर का सीट आरक्षित हाेगा या सामान्य, दलीय आधार पर हाेगा या फिर निर्दलीय, इस पर संभावना-उम्मीद जताई जा रही है। इधर, कुछ नेताओं ने मेयर पद के लिए अभी से ताल ठोक दी है। इनमें से कुछ पिछले चुनाव में भी प्रत्याशी थे।

इस लिहाज से खुद को स्वाभाविक दावेदार बता रहे हैं, वहीं कई नए चेहरे भी मैदान में कूदने को तैयार दिख रहे हैं। हालांकि नेताओं में इस बात की ऊहापोह भी है कि दलीय आधार पर चुनाव हुआ तो क्या होगा? ऐसे में दावेदार काफी संभल कर अपनी बात प्रकट कर रहे हैं। वे वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। ऐसे में हमने पिछली बार मेयर पद के प्रत्याशी समेत कुछ नए दावेदारों से बात उनका मन टटोला।

क्या कहते हैं मेयर पद पर दावा ठोंकने वाले विभिन्न दलों से जुड़े नेता, उनकी पत्नी व पूर्व पार्षद

दलीय हो या गैर दलीय, मैदान में उतरने काे पूरी तरह तैयार: चंद्रशेखर

निगम चुनाव काे लेकर पूरी तैयारी है। चुनाव दलीय आधार पर हाे या फिर गैर दलीय आधार पर, मैं चुनाव मैदान में उतरने काे तैयार हूं। पद के आरक्षण का इंतजार है।'' चंद्रशेखर अग्रवाल, पूर्व मेयर।

मेयर पद को लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी : रागिनी सिंह

निगम चुनाव में मेयर पद की दावेदारी करने काे मैं तैयार हूं। दलीय आधार पर चुनाव हुआ ताे पार्टी के आदेश का इंतजार करूंगी, लेकिन दलीय आधार पर नहीं हुआ ताे फिर तय है।''रागिनी सिंह,भाजपा नेत्री

दलीय आधार पर नहीं हुआ तो चुनावी मैदान में उतरना तय : सावित्री देवी

निगम चुनाव लड़ना तय है। पार्टी के आदेश का इंतजार रहेगा। दलीय आधार पर चुनाव नहीं हुआ ताे निश्चित रूप से दावेदारी पेश करूंगी।'' सावित्री देवी, बाघमारा विधायक ढुलू महतो की पत्नी

दलीय हो या गैर दलीय, चुनाव लड़ना तय : शमशेर

मेयर का चुनाव इस बार भी लड़ेंगे। पिछले निगम चुनाव में रनर रहे थे। जनता का भरपूर प्यार मिला था। इस कारण मेयर पद पर दलीय व निर्दलीय, दाेनाें स्थिति में मजबूत दावेदारी हाेगी।''
शमशेर आलम, कांग्रेस नेता

मेरी तैयारी पूरी है, सिर्फ आरक्षण का कर रहे हैं इंतजार : राजकुमार

पद के आरक्षण का इंतजार है। दलीय आधार पर चुनाव हुआ ताे पार्टी के फैसले का इंतजार करेंगे। दलीय आधार पर चुनाव नहीं हाेने पर मैदान में उतरना तय है।''
राजकुमार अग्रवाल, भाजपा नेता

एक साल से कर रहे हैं मेयर पद पर चुनाव की तैयारी : रूपेश सिन्हा

मेयर पद के लिए एक साल से तैयारी कर रहे हैं। आरक्षण के साथ चुनाव दलीय आधार पर हाेगा या निर्दलीय, इसका इंतजार है। जनता के बीच इस बार जाने का मन बना चुका हूं।'' रूपेश सिन्हा, प्रदेश महामंत्री, भाजयुमाे

​​​​​​​कोई किंतु-परंतु नहीं, मेयर पद पर चुनाव लड़ना तय है : अंकेश राज

मेयर का चुनाव लड़ना तय है। इसमे काेई किंतु-परंतु नहीं है। चुनाव दलीय आधार पर हाे या नहीं, इससे काेई फर्क नहीं पड़ता है। दाे साल से तैयारी कर रहे है। '
कुमार अंकेश राज उर्फ पप्पू साव, पूर्व पार्षद

मेयर पद सामान्य हुआ तो जरूर लड़ेंगे चुनाव : मानस

मेयर का चुनाव इस बार जरूर लड़ेंगे। पद के आरक्षण का इंतजार है। मेयर पद अगर समान्य हुआ ताे फिर निश्चित रूप से मैदान में उतरेंगे। चुनाव काे लेकर समर्थकाें से विचार-विमर्श भी शुरू कर दिया है।''
मानस प्रसून, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा

इस बार भी जरूर लड़ेंगे मेयर पद पर चुनाव : भृगुनाथ

​​​​​​​मेयर का चुनाव इस बार भी लड़ेंगे। 2015 में भी चुनाव लड़ चुके है और 9963 वाेट मिले थे। दस हजार लाेगाें ने अपना आशीर्वाद दिया था। इस बार पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरना तय है। मन बना लिया है।''
भृगुनाथ भगत, भाजपा नेता

लोग युवा नेता चाहते हैं, दावेदारी रहेगी : दिनेश

अगर मेयर पद गैर दलीय हाेता है ताे इस बार भी चुनाव लड़ेंगे। पिछले चुनाव में जनता का भरपूर प्रेम मिला था। लाेग युवा नेता चाहते हैं। अगर दलीय आधार पर चुनाव हाेता है ताे पार्टी जाे कहेगी, वही करूंगा।'' -दिनेश कुमार महताे, झामुमाे नेता सह मथुरा महतो के पुत्र

मेयर पद काे लेकर वे चार संभावनाएं. जिसकाे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है

1. सामान्य सीट- दावेदारों की बढ़ेगी संख्या, मचेगा घमासान

अगर मेयर पद सामान्य हाेता है ताे दावेदाराें की संख्या बढ़ेगी। सामान्य सीट हाेने पर विभिन्न पार्टियाें के वैसे लाेग दावेदार हाे सकते हैं जाे विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सके थे। वैसे लाेग भी सामने आ सकते हैं जिन्हें लोकसभा-विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा है।

2. महिला सीट - घराने भी उतारेंगे प्रत्याशी

अगर सीट महिला आरक्षित हाे जाती है ताे धनबाद की राजनीति में पकड़ रखने वाल कई नेता अपने घर की महिलाओं काे उतार सकते हैं। 2010 जमसं नेता रामाधीर सिंह की पत्नी इंदू सिंह ताे दूसरी ओर बीपी सिन्हा की पुत्रवधू डाॅ उर्मिला सिन्हा प्रत्याशी थीं। बियाडा अध्यक्ष विजय झा की पत्नी डाॅ शिवानी झा सहित कई प्रमुख चेहरे थे।

3. पिछड़ी जाति के हाेने पर

पिछड़ी जाति के लिए मेयर पद आरक्षित हाे जाता है ताे कमाेबेश पिछली बार की तरह की तस्वीर बन सकती है। मेयर पद पर पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के अलावा भाजपा नेता भृगुनाथ भगत, कांग्रेस नेता शमशेर आलम, कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र वर्मा, टुंडी विधायक मथुरा महताे के पुत्र दिनेश कुमार महताे सहित कई चेहरे शामिल हैं।

4. एससी, एसटी सीट आरक्षित हाेने की स्थिति में कई नए चेहरे सामने आ सकते हैं | अगर मेयर पद अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हाे जाता है ताे कई ऐसे नए चेहरे आ सकते हैं, जिनका नाम लाेग कम सुना गया होगा। वैसी स्थिति में शहर की सरकार चलाने के लिए बिल्कुल नया चेहरा सामने आ सकता है।

खबरें और भी हैं...