छह सदस्ययी टीम पहुंची धनबाद:सेंट्रल की टीम जांचेगी जिले में फाइलेरिया व मलेरिया उन्नमूलन अभियान का सच

धनबादएक महीने पहले
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जिले में फाइलेरिया और मलेरिया मरीजों की जानकारी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च की टीम मंगलवार काे धनबाद पहुंची। टीम छह दिनों तक धनबाद में रहकर जिले के विभिन्न क्षेत्राें का निरीक्षण करेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2020 में चलाए गए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के तहत फाइलेरिया की दवा खिलाए जाने की सत्यता की जानकारी लेगी।

इस दौरान लाभुकों से भी पूछताछ करेगी कि उन्होंने फाइलेरिया की दवा खाई थी या नहीं। फिलहाल टीम के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। विभागीय अफसर कागजों को दुरुस्त करने में लगे हैं। धनबाद में लगभग 26 लाख लोगों को दवा खिलाने का दावा : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया गया था।

स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभियान के तहत जिले में लगभग 26 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई गई थी। अब केंद्रीय रिसर्च की टीम यह जांच करेगी कि यह दावा सही है अथवा गलत है। इसके लिए टीम के सदस्य गांव स्तर तक जाकर लाभुकों से पूछताछ करेंगे। यदि दवा खिलाने की बात गलत निकलती है तो सरकार को टीम रिपोर्ट करेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सूत्राें की मानें ताे जांच में स्वास्थ्य विभाग के दावाें की पाेल खुलनी तय है।

टीम के सदस्य खुद से लाेगाें की करेंगे जांच

6 दिनों के धनबाद दौरे पर आई टीम के सदस्य सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक फाइलेरिया मरीज की खुद जांच करेंगे। मरीजों के रक्त नमूने को खुद से परीक्षण करके देखेंगे। फलेरिया की मरीजों की सही से जांच नहीं हो पा रही। नाइट ब्लड सर्विस भी इस टीम द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में अभी 2200 से ज्यादा फाइलेरिया के मरीज हैं। इसमें आधे से अधिक मरीजों की दवा चल रही है।

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