न्यास परिषद की बैठक:हर प्रखंड का सीएचसी सेंटर बनेगा स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 262 स्कूलों को बनाया जाएगा लीडर स्कूल; प्रारूप तैयार

धनबाद9 महीने पहले
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  • बैठक में ग्राम सभा से पारित याेजनाओं काे मंजूरी दी गई
  • इसके अलावे जिले के 262 प्राइमरी, मिडिल व हाई स्कूल काे लीडर स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया

धनबाद के न्यू टाउन हाॅल में शनिवार काे जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) न्यास परिषद की बैठक हुई। 8 महीने के बाद हुई न्यास परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभिन्न कार्य याेजनाओं और उनकी रूप रेखा पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ग्राम सभा से पारित याेजनाओं काे मंजूरी दी गई। जिले के सभी 10 प्रखंड के सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) काे सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावे जिले के 262 प्राइमरी, मिडिल व हाई स्कूल काे लीडर स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता डीएमएफटी अध्यक्ष सह डीसी उमा शंकर सिंह ने की। डीएमएफटी अध्यक्ष सह डीसी ने कहा कि डीएमएफटी फंट में 665.84 कराेड़ की राशि बची है। जनप्रतिनिधि वैसी याेजनाओं का ही चयन करें जाे बहुत जनाेपयाेगी है। 31 मार्च काे वित्तीय वर्ष 2020-21 की अवधि समाप्त हाे रही है। इससे पहले याेजनाएं ग्राम सभा से पारित करा कर दें। बैठक में टुंडी विधायक मथुरा महताे, सिंदरी विधायक इंद्रजीत महताे, झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह तथा सांसद व विधायक प्रतिनिधि, पंचायत समिति प्रधान व ग्राम पंचायत प्रधान सहित अन्य ने भी सुझाव रखें।। उन्होंने कई सवाल भी उठाए।

न्यास बाेर्ड में डीएमएफटी प्रबंध समिति से पास इन योजनाओं को मिली मंजूरी

  • वैश्विक महामारी की राेक थाम व इलाज तथा जांच के लिए किट की खरीदारी काे लेकर डीएमएफटी की मैनेजिंग कमेटी से 3 कराेड़ रुपए खर्च।
  • पीएमसीएच के कैथलैब सेंटर में काेविड मरीजाें के इलाज के लिए आइसीयू सेंटर बनाने सहित अन्य चीज पर 75.86 लाख की राशि खर्च।
  • काेराेना महामारी के दाैरान 267 दीदी किचन के संचालन के लिए 53.40 लाख की राशि खर्च।
  • स्वीपिंग मशीन 2.23 की राशि काे निविदा के बाद 2.68 कराेड़ रुपए हाे गए, इसकाे लेकर 44.90 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च को मंजूरी।
  • काेविड के रोकथाम काे लेकर उपकरण पर 302.97 लाख खर्च।

पेयजल याेजनाओं पर नहीं खर्च होगा डीएमएफटी फंड

डीसी ने कहा कि राज्य सरकार का निर्देश है कि डीएमएफटी फंड से जलापूर्ति की नई याेजनाएं नहीं ली जाएगी। डीएमएफटी की 1200 कराेड़ रुपए की राशि में 1100 कराेड़ रुपए पेयजल पर खर्च हुए हैं। पूर्व की सभी याेजनाओं के लिए राशि मिलती रहेगी।

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