कोयले की कीमत:पावर व स्टील प्लांटों को आपूर्ति होने वाला कोयला 10% तक होगा महंगा

धनबाद2 महीने पहले
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  • चार साल बाद एफएसए कोटे के कोयले की कीमत में होगा इजाफा

कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (एफएसए) सेगमेंट में कोयले की कीमत को 10% तक बढ़ाया जा सकता है। एफएसए सेगमेंट के कोयले की कीमत पिछले चार वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए जल्द ही सभी स्टेक होल्डरों के साथ बैठक करने की योजना है। ई-ऑक्शन की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है।

वर्तमान में यह 40-50% प्रीमियम पर है। सीआईएल के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि डीजल, विस्फोटक की बढ़ी कीमतों, उत्पादन लागत में वृद्धि तथा वेतन पुनरीक्षण को ध्यान में रख यह कदम उठाना आवश्यक है।

असर... 20-30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ सकती है बिजली की कीमत
कोयले की कीमतों में वृद्धि का अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जिसकी शुरुआत बिजली की लागत में वृद्धि से होती है। कोयले की कीमतों में 10% की वृद्धि बिजली की कीमतों में 20-30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हो सकती है। आम आदमी के घरेलू बजट बढ़ने के साथ ही फैक्टरियों का उत्पादन लागत बढ़ा जाएगा। इसका असर महंगाई पर पड़ सकता है।

क्या है एफएसए : कंपनी कोयला की बिक्री दो तरह से करती है। पहला ई-ऑक्शन के माध्यम से। दूसरा फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट(एफएसए) के तहत। एफएसए एकीकृत ऊर्जा और इस्पात संयंत्रों को कोकिंग कोयले की आपूर्ति के लिए किया गया मॉडल समझौता है।

इस साल 740 मीट्रिक टन कोल डिस्पैच का टारगेट
कोल इंडिया चेयरमैन ने कहा है कि कोयले की मांग में कई कारणों से हाल में तेजी आई है। आयातित कोयले की कीमत और इसकी शिपिंग दर में वृद्धि के कारण आयातित कोयला आधारित संयंत्रों ने कम क्षमता पर काम किया जिससे उनका उत्पादन कम हो गया। घरेलू मांग बहुत ज्यादा है। इसको लेकर लक्ष्य हासिल करने के लिए काम किया जा रहा है। इस वर्ष 740 एमटी डिस्पैच का लक्ष्य है। इसे हासिल करने का प्रयास होगा।

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