मेडिकल काॅलेज अस्पताल की सुरक्षा फेल:गोद में लेकर पोता होने की दी बधाई, दादी की नजर हटते ही बच्चे काे लेकर रफूचक्कर

धनबाद7 महीने पहले
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  • भूली बी ब्लाॅक खटाल का रहनेवाला है प्रसूता का परिवार
  • 2:30 बजे बच्चे का हुआ जन्म, 3:20 बजे हाे गया चाेरी

शहीद निर्मल महताे मेडिकल काॅलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) से साेमवार की दाेपहर एक नवजात चाेरी हाे गया। प्रसव के 50 मिनट बाद ही गायनी वार्ड से बच्चे काे लेकर एक महिला रफूचक्कर हाे गई। हंगामा मच गया। सरायढेला थाने काे खबर दी गई, ताे पुलिस ने अस्पताल आकर पड़ताल शुरू कर दी। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की गई, ताे बच्चे काे लेकर एक महिला गायनी वार्ड से ओपीडी हाेकर बाहर जाती दिखी।

बाहर जाकर उसने बच्चा एक अन्य महिला काे साैंप दिया। उनके पास एक 6-7 साल की बच्ची भी खड़ी नजर आई। फिर तीनाें अस्पताल परिसर के मेन गेट की ओर चले गए। मेडिकल काॅलेज अस्पताल से इस तरह दिनदहाड़े नवजात की चाेरी से पूरी सुरक्षा व्यवस्था ही संदेह के घेरे में आ गई है। इस बारे में पूछने पर अधीक्षक का बयान भी हैरान करनेवाला है। उन्हाेंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ने की काेशिश की कि इस मामले में अस्पताल या किसी कर्मी की काेई गलती ही नहीं है।

सरोज यादव की पत्नी गुड़िया देवी का यह तीसरा बच्चा है। पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। प्रसव के बाद हाेश आने पर उन्हाेंने सास से बच्चे के बारे में पूछा, ताे उनके पास काेई जवाब नहीं था। जब गुड़िया देवी काे पूरे मामले का पता चला, ताे उनके हाेश उड़ गए। तब से राे-राेकर उनका बुरा हाल है। बार-बार कह रही हैं कि जिगर के टुकड़े का चेहरा तक नहीं देख सकी।

दादी राधिका काे गायनी वार्ड की ही नर्स पर संदेह

राधिका देवी को इस मामले में गायनी वार्ड की ही एक नर्स पर संदेह है। उन्होंने अपने छोटे बेटे मनोज यादव से कहा कि प्रसव के बाद नर्स बार-बार पूछ रही थी कि उनके साथ और कोई आया है या नहीं। उसने साथ ही खून लगे हाथ से ही मोबाइल से किसी को फोन भी किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए। वहीं, सरायढेला थानेदार किशोर तिर्की ने कहा कि गुड़िया देवी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। किसी पर संदेह नहीं जताया है।

इधर, जिले के सबसे बड़े अस्पताल में सुरक्षा दुरुस्त करने के दावे हुए फेल
बच्चा लेकर जाते हुए महिला काे किसी ने नहीं राेका-टाेका अस्पताल की जिस बिल्डिंग में गायनी वार्ड है, उसके बाहर एक गार्ड की ड्यूटी रहती है। उसके बाद मेन गेट पर भी एक गार्ड की तैनाती है। वार्ड से बच्चा लेकर निकली महिला काे कहीं किसी अस्पतालकर्मी या गार्ड ने नहीं राेका-टाेका। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में तीन शिफ्टाें में 30 हाेमगार्ड की ड्यूटी रहती है। इस वारदात ने साबित कर दिया कि यह व्यवस्था कितनी गैर-जिम्मेवार है।

नजर हटते ही बच्चे समेत गायब हो गई वह महिला

भूली बी ब्लाॅक खटाल निवासी गुड़िया देवी काे प्रसव पीड़ा हाेने पर उनकी सास राधिका देवी उन्हें लेकर दिन के 10 बजे मेडिकल काॅलेज अस्पताल पहुंची। दाेपहर 2:30 बजे उन्हाेंने बेटे काे जन्म दिया। राधिका देवी ने बताया कि वे बच्चे काे लेकर लेबर रूम से बाहर आकर बैठ गईं। करीब 3:20 बजे एक महिला सुंदर-स्वस्थ पोता होने की बधाई देते हुए बच्चे काे गाेद में लेकर खेलाने लगी। इस बीच राधिका देवी माेबाइल चार्ज करने के लिए उठकर पास में गईं, मुड़कर लाैटीं, ताे न वह महिला थी और उनका पाेता।

अस्पताल व कर्मियाें का नहीं है इसमें काेई दाेष

अस्पताल व कर्मियाें का मामले में काेई दाेष नहीं है। सुरक्षा बढ़ाने और कई इंट्री प्वाइंट काे बंद कर एक इंट्री प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव विभाग काे पुन: भेजा जाएगा। फंड के अभाव में काम लंबित हैं।
-डाॅ एके वर्णवाल, अधीक्षक

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