सत्र में देर होने से छात्र-छात्राओं को हो रहा नुकसान:6 माह से एक साल तक विलंब से चल रहे सत्र, सबसे देरी से लॉ की पढ़ाई का सेशन

धनबाद2 महीने पहले
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बीबीएमकेयू के पीजी ( स्नातकोत्तर) सत्र 2020-22 सेमेस्टर 3 की परीक्षा अगस्त महीने में हुई थी, लेकिन कॉमर्स के परिणाम अब तक जारी नहीं हुए हैं। दूसरी ओर सेमेस्टर 4 का परीक्षा फॉर्म 25 नवंबर से भरा जा रहा है। परीक्षा 7 दिसंबर से होगी और प्रायोगिक परीक्षाएं 21 दिसंबर तक चलेंगी। झारखंड के अन्य विश्वविद्यालयों को देखें तो अगस्त व सितंबर महीने में सेमेस्टर 4 की परीक्षा हो चुकी है और परिणाम भी जारी हो चुके हैं।

इसी तरह यूजी (स्नातक) सेमेस्टर 4 सत्र 2020-23 की परीक्षा 24 नवंबर से हो रही है और अब रिजल्ट अगले साल ही आने की संभावना है। लेकिन बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद के स्नातक व स्नातकोत्तर के ज्यादातर शैक्षणिक सत्र 6 महीने से लेकर 1 साल देरी से चल रहे हैं। बीबीएमकेयू में सबसे देरी से लॉ की पढ़ाई के सत्र चल रहे हैं। इधर, सत्र को अपडेट करने को लेकर विद्यार्थियों को हर सत्र में पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिल पा रहा है। इसका खामियाजा छात्रों काे चुकाना पड़ रहा है।

विडंबना... एलएलबी सत्र 2019-22 के पांचवे सेमेस्टर की परीक्षा साल 2023 में आयोजित होगी​​​​​​​
एलएलबी सत्र 2020-23 के सेमेस्टर 3 की परीक्षा 12 दिसंबर से होगी। जबकि अभी तक सेमेस्टर 4 की परीक्षा हो जाने चाहिए थे। इस तरह एलएलबी के 2 सत्र लगभग 1 साल की देरी से चल रहे हैं। वहीं एलएलबी सत्र 2021-24 के सेमेस्टर 2 की परीक्षा अभी चल रही है, जबकि अब तक सेमेस्टर 3 की परीक्षा हो जानी चाहिए थी।

सत्र में देरी से विद्यार्थियों को हाेगा खासा नुकसान
छात्र-छात्राएं बताते हैं कि सत्र में देर हाेने के कारण उनका लगभग 1 साल का नुकसान होगा। इस कारण वे बार काऊंसिल की परीक्षा में समय पर नहीं बैठ पाएंगे, प्रैक्टिस का भी नुकसान होगा। इसी तरह यूजी के विद्यार्थी विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीजी में दाखिला नहीं ले पाते हैं।

बीबीएमकेयू में सबसे देरी से लॉ की पढ़ाई के सत्र चल रहे हैं। एलएलबी 2019-22 की सेमेस्टर 5 की परीक्षा जनवरी 2023 में होने की संभावना है। जबकि अभी तक सेमेस्टर 6 की परीक्षा हो जानी चाहिए थी। बीए-एलएलबी सत्र 2020 25 की सेमेस्टर 3 की परीक्षा 12 दिसंबर से होनी है। जबकि अभी तक सेमेस्टर 4 की परीक्षा हो जानी चाहिए थी।

वहीं पीजी के विद्यार्थी आगे की पढ़ाई समय से शुरु नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे। सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों के अवसर का भी नुकसान होगा।

^कोरोना के संक्रमण काल बीबीएमकेयू के कॉलेजों में पढ़ाई नहीं हो पाई। समय पर परीक्षाएं भी आयोजित नहीं हो पाईं। वैसे मार्च 2023 तक सत्रों की देरी को ठीक कर लेने की कोशिश की जा रही है। विद्यार्थियों को नुकसान नहीं हो, इसका पूरा प्रयास हो रहा है।''
डॉ सुकदेव भोई, कुलपति।

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