झमाझम बारिश:लो-प्रेशर की जद में आया धनबाद 20 घंटे में रिकॉर्ड 130 एमएम बारिश

धनबाद2 महीने पहले
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धनबाद में सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई जोरदार बारिश के कारण मैथन, तोपचांची झील का जलस्तर बढ़ गया है। 8 घंटे की बारिश में तोपचांची झील का चाैथा गेट भी खोलना पड़ा। - Dainik Bhaskar
धनबाद में सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई जोरदार बारिश के कारण मैथन, तोपचांची झील का जलस्तर बढ़ गया है। 8 घंटे की बारिश में तोपचांची झील का चाैथा गेट भी खोलना पड़ा।
  • 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं, ऑरेंज अलर्ट में रहा धनबाद

बंगाल में खाड़ी में जन्मा साइक्लोनिक लो-प्रेशर बुधवार को धनबाद होकर गुजरा। लो-प्रेशर का जन्म मंगलवार की सुबह पश्चिम बंगाल की तट पर बंगाल की खाड़ी में हुआ है। बुधवार की सुबह यह लो-प्रेशर पश्चिम बंगाल व झारखंड की सीमा क्षेत्र पर था। इसकी वजह से सुबह से ही धनबाद समेत आसपास के क्षेत्र में झमाझम बारिश हो रही है। दोपहर 2 बजे लो-प्रेशर का केंद्र धनबाद होकर गुजरा। इस कारण दोपहर के बाद बारिश की रफ्तार और बढ़ गई, जो पूरी रात जारी रही। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा रही।

मॉनसून पर नजर रखने वाले डॉ एसपी यादव ने बताया कि वेल मार्क लो-प्रेशर वर्तमान में काफी मजबूत स्थिति में है। यह बुधवार की शाम तक कोडरमा के रास्ते बिहार की ओर आगे बढ़ रहा है। इस साइक्लोन के 3 अक्टूबर को बिहार व नेपाल के बॉर्डर पर समाप्त होने की संभावना है। इसके वजह से 2 अक्टूबर दोपहर तक धनबाद में अच्छी बारिश होगी।

डॉ एसपी यादव ने बताया कि वेल मार्क लो-प्रेशर की वजह से बुधवार सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक 20 घंटे में धनबाद में 130 एमएम से अधिक बारिश हुई है। बारिश का यह सिलसिला अगले तीन दिनों तक जारी रहेगा। डाॅ यादव ने बताया कि गुरुवार से वेल मार्क लो-प्रेशर के वजह से हवा की गति में कमी जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस लो-प्रेशर के प्रभाव से 30 सितंबर को 20 से 30 एमएम, 1 अक्टूबर को 15 से 20 एमएम व 2 अक्टूबर को 10 से 15 एमएम बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बुधवार को लो-प्रेशर का केंद्र धनबाद से आगे बढ़ गया है। ऐसे में अब धीरे- धीरे हवाओं की रफ्तार में कमी देखी जाएगी।

साइक्लोन व लो-प्रेशर का मानसून पर कोई असर नहीं

झारखंड मौसम विभाग के मुख्य वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले दिनों आए गुलाब तूफान व वर्तमान में बना लो-प्रेशर का मानसून पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उक्त सिस्टम के समाप्त होने के बाद ही मानसून के लौटने का सिलसिला शुरू होगा। आमतौर पर मानसून राजस्थान से 15 सितंबर से लौटने लगता है। हालांकि 29 सितंबर तक मानसून राजस्थान में ही है। ऐसे में मानसून अपने तय समय से 15 दिन विलंब से ही लौटेगा।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग रांची ने 30 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के लिए राज्य के जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां के लिए अॉरेंज अलर्ट जारी किया था।

जानिए किस रूट से गुजरेगा लो-प्रेशर
डाॅ एसपी यादव के अनुसार वेल मार्क लो-प्रेशर खड़गपुर, धनबाद, देवघर, भागलपुर होते हुए 2 अक्टूबर को पूर्णिया में समाप्त होगा। इस दौरान लो-प्रेशर का केंद्र धनबाद से दूर होगा, पर बादल धनबाद होकर ही लो-प्रेशर की ओर आगे बढ़ेंगे। इस वजह से 2 अक्टूबर दोपहर तक धनबाद में बारिश होती रहेगी।

आज के लिए इन जिलों में येलो अलर्ट
30 सितंबर की सुबह 8:30 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक के लिए गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भी हवाओं की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा रहेगी।

आगे क्या : तीन तक हल्के व मध्यम दर्जे की बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। रांची में 26 से 29 डिग्री तक अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

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