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20-25% अनलाॅक हुआ जिले में कपड़ा काराेबार:पहले रोजाना 1.5 से 2 कराेड़ का हाेता था काराेबार, अनलॉक टू में अब तक महज 30-40 लाख तक ही पहुंचा

धनबादएक महीने पहले
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काेराेना संक्रमण की दूसरी लहर में शिक्षा हाे, स्वास्थ्य हाे या फिर व्यापार हाे, हर किसी काे मंदी की मार झेलनी पड़ी है। दूसरी लहर के बाद अनलॉक टू में कपड़ों का कारोबार खुला, लेकिन बड़ा नुकसान हो चुका है।

कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के कारण अब भी लाेग शादी-ब्याह काे टाल रहे हैं। बरसात का मौसम भी शुरू हो चुका है, ऐसे में अब बाजार सामान्य होने में त्योहारों तक इंतजार करना पड़ेगा। लॉकडाउन के कारण कारोबार लंबे समय से बंद है। पहली लहर के बाद कारोबार पटरी पर लाैट ही रहा था कि दूसरी लहर के कारण पुनः लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे एक बार फिर से कारोबार ठप पड़ गया।

जिले के करकेंद में है कपड़ों की बड़ी थोक मंडी

धनबाद जिले में कपड़ों का कारोबार व्यापक पैमाने पर होता है। जिले में करकेंद, बैंक मोड़, हीरापुर, झरिया, कतरास समेत अन्य स्थानों पर कपड़ों का थोक व खुदरा कारोबार संचालित है। करकेंद को राज्य का एक बड़ा कपड़ा मंडी माना जाता है। धनबाद से आसपास के कई जिलों में कपड़े का कारोबार होता है। कारोबारियों की मानें तो सामान्यतः धनबाद जिले में रोजाना 1.5 से 2 करोड़ रुपए तक का कारोबार होता है। फिलहाल कपड़ाें का कारोबार शुरू होने के बाद 20 से 25 फीसदी कारोबार ही हो रहा है।

शादियां कम होने से कारोबार पर पड़ा असर

कोरोना के कारण जिले में शादियां बेहद कम हो गई हैं। जो हो रही हैं, वे सादगी से हाे रही हैं। अब लोगों को शादी के लिए जून-जुलाई के बाद नवंबर माह का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में कपड़ों के कारोबार पर भी असर पड़ा है। कारोबारी किशन चौरसिया कहते हैं कि रेडीमेड आइटम की मांग अधिक है, पर डर से दुकानदार नए आइटम नही मंगा रहे हैं।

रेडीमेड में हैं मल्टी ब्रांड

धनबाद ब्रांडेड कपड़ों का भी बड़ा बाजार है। कई एक्सक्लूसिव शोरूम भी हैं। अलग-अलग बाजारों में कई मॉल्स से भी कपड़ों का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। राज्य का सबसे बड़ा मॉल भी यहां है।

सरकार की ओर से कारोबारियाें को मिलनी चाहिए राहत

धनबाद जिला थोक वस्त्र विक्रेता संघ के उमेश हेलीवाल कहते हैं कि कारोबार बंद होने पर भी न टैक्स में छूट मिला, न बैंक के ब्याज व बिजली बिल में छूट दी गई। सरकार किसी की भी हाे, कारोबारियों से लिया ही गया है किसी ने दिया नहीं है। अब तो कुछ राहत मिले।

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