अटकी प्राण वायु:एक साल बीत जाने के बाद भी सेंट्रल अस्पताल में नहीं लग पाया प्लांट

धनबाद13 दिन पहलेलेखक: संजय मिश्रा
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सेंट्रल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट अधूरा। - Dainik Bhaskar
सेंट्रल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट अधूरा।
  • काेविड मरीजाें के इलाज के लिए सेंट्रल अस्पताल में लगने वाले दाे ऑक्सीजन प्लांटाें की याेजना अधर में
  • 4.17 करोड़ की लागत से 1000 एलपीएम के लगाए जाने थे दाे प्लांट

काेराेना से निबटने के लिए एक साल पहले सेंट्रल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने जाने की याेजना बनी थी, लेकिन एक साल गुजर जाने के बाद भी प्लांट का निर्माण नहीं हाे पाया। प्लांट की बात ताे दूर एक कंप्रेशर तक नहीं लग सका। हालांकि आक्सीजन प्लांट के लिए भवन बनकर तैयार है। काेराेना की पहली-दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर भी आ चुकी है। लेकिन याेजना जस-के-तस है। आपूर्तिकर्ता की मनमानी रवैए काे देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन अब कंपनी काे ब्लैक लिस्टेट करने का मन बना रहा।

अगर ऐसा हुआ ताे एक बार फिर सबकुछ नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी हाेगी। इस तरह आक्सीजन प्लाॅट के लगते-लगते काेराेना की तीसरी लहर भी निकल जाएगी। काेविड आईसीयू वार्ड से लेकर अस्पताल के अधिकतर वार्डाें में पाइप लाइन के माध्यम से मरीजाें काे बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन बिछाए जा चुके हैं, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगने से मरीज फिलहाल इस सुविधा से वंचित हैं। चिकित्सा विशेषज्ञाें का मानना है कि तीसरी लहर के भयावह हाेने की स्थिति में तैयारियाें की लचर व्यवस्था के गंभीर परिणाम हाे सकते हैं। सेंट्रल अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू व 70 बेड का जेनरल वार्ड बने हैं।

पहले 1300 एलपीएम का लगना था एक प्लांट

काेराेना मरीजाें के साथ सेंट्रल अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजाें के लिए पहले 3.65 करोड़ रुपए की लागत से 1300 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला एक बड़ा प्लांट स्थापित किया जाना था। इसके लिए जेम पाेर्टल पर दाे बार टेंडर निकाला गया, लेकिन किसी भी कंपनी के रूची नहीं लेने के कारण टेंडर रद्द करना पड़ा। तीसरी बार फिर से 2021 के जेम पाेर्टल पर टेंडर निकाला गया। इस बार कंपनी ने 4.17 करोड़ रुपए की लागत से 1300 एलपीएम की जगह 1000-1000 एलपीएम के दाे प्लांट लगाने का निर्णय लिया। साउथ इंडिया की सुधी नामक कंपनी काे कार्य आवंटित किया गया। इसी कंपनी काे सीसीएल में भी ऑक्सीजन प्लाॅट लगाने का आदेश मिला है। वहां प्लांट लग चुका है, लेकिन बीसीसीएल में कंपनी की और से जुलाई में प्लांट का सिर्फ कंप्रेशर उपलब्ध कराया गया। प्लांट का कंसलटेटर समेत पूरी मशीन की आपूर्ति अभी नहीं की गई।

आपूर्तिकर्ता कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी

अस्पताल में फिलहाल ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगा है। आपूर्तिकर्ता की ओर से मशीन की आपूर्ति नहीं की गई है। मशीन काे लेकर मामला अटक गया है। प्रबंधन इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। आपूर्तिकर्ता कंपनी काे ब्लैक लिस्टेड भी किया जा सकता है।''-डाॅ आरके ठाकुर, सीएमएस, सेंट्रल अस्पताल, धनबाद

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