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  • Gave Her Husband's Job And Money To Take Care Of Her Sons, When The Mother Fell Ill, She Put Her In The Trunk Of The Car To Take Her To The Hospital.

ममता के अनादर का रूह कंपाने वाला मामला:बेटों की जिंदगी संवारने को पति की नौकरी-पैसे दे दिए, जब बीमार पड़ी मां तो अस्पताल ले जाने के लिए कार की डिक्की में डाल दिया

धनबाद2 महीने पहले
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कार की डिक्की में बेसुध पड़ी वृद्ध महिला छुआरा देवी। - Dainik Bhaskar
कार की डिक्की में बेसुध पड़ी वृद्ध महिला छुआरा देवी।
  • 3 घंटे डिक्की में पड़े-पड़े दोनों बेटों के घर की दौड़ लगाती रही 70 साल की मां

बीसीसीएलकर्मी पति की नौकरी छोटे बेटे को दे दी। बड़े व मंझले बेटे को पति का पीएफ समेत अन्य मद का पैसा दे दिया। गांव में पुश्तैनी जमीन थी। उसे भी बेचकर पैसे तीनों बेटों में बांट दिए। अब 70 साल की मां को इलाज की जरूरत पड़ी तो बेटों की आपसी रस्साकशी कुछ यूं चली कि मां तीन घंटे तक कार की डिक्की में ही दुबकी पड़ी रहने को विवश रही।

मां को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना था, परंतु कार में जगह नहीं बनी तो बेटे व भतीजे ने उसे डिक्की में ही डाल दिया। बाद में झरिया पुलिस को इसकी सूचना मिली तो हरकत में आई। बेटों को फटकारा। ममता की भी दुहाई दी। इसके बाद मां को डिक्की से निकालकर कार की पिछली सीट पर लिटाकर अस्पताल भेजा गया।

गांव की जमीन भी बेचकर पैसे तीनों बेटों में बांट दिए

बस्ताकाेला इंडस्ट्री कोलियरी निवासी बीसीसीएलकर्मी स्वर्गीय गणेश मिस्त्री के तीन पुत्र हैं। गणेश ने 1995 में अनफिट हाेकर नाैकरी अपने छाेटे पुत्र सुरेश काे दे दी। 1999 में उनकी मृत्यु के बाद बड़े पुत्र महेश अाैर मंझले पुत्र नरेश ने पिता के पीएफ सहित अन्य पैसे ले लिए। मां छुआरा देवी ने गांव की 82 डिसमिल जमीन भी बेचकर तीनों बेटे में पैसे बांट दिए। अभी वह नरेश के साथ रह रही हैं।

नरेश बोला-सीट में असहज देख मां को डिक्की में सुलाया

छुआरा देवी के मंझले बेटे महेश ने बताया कि मां को कार में अच्छा फील नहीं हो रहा था। इसलिए बेटे संदीप ने डिक्की में जगह बनाकर मां को उसमें लिटा दिया। सिर रखने के लिए तकिया भी दी थी।

छोटे बेटे ने कहा-मैं घर में नहीं था, इसलिए यह हुआ

छोटे पुत्र बीसीसीएसकर्मी सुरेश कुमार ने बताया कि उसे मालूम नहीं था कि मां की तबीयत खराब है। मंझला भाई जब मां को लेकर मेरे घर पहुंचा तो मैं वहां नहीं था। बाद में खबर मिली तो वह वहां पहुंचा।