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वेस्ट से बनेगा सेनेटाइजर:घास, पत्ती, पौधों की डंडी; साग और आलू के छिलकों से बनेगा सेनेटाइजर

धनबाद9 दिन पहले
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सिंफर में रिसर्च करतीं वैज्ञानिक व उत्पादित ईजाद। - Dainik Bhaskar
सिंफर में रिसर्च करतीं वैज्ञानिक व उत्पादित ईजाद।
  • सिंफर की एक टीम काे प्रारंभिक चरण में सफलता भी मिल चुकी

घास, पत्ते, पाैधे की डंडी जैसे एग्रीकल्चर वेस्ट हाे या फिर आलू, साग, सब्जियाें की डंडी जैसे किचन वेस्ट, अब यह सब बेकार नहीं जाएगा, बल्कि इससे बायाे एथनाॅल बनेगा। वही एथनाॅल, जिसका उपयाेग काेराेना संक्रमण से बचाव के लिए सेनेटाइजर बनाने में किया जा रहा है। निदेशक डाॅ प्रदीप कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में सिंफर की एक टीम काे प्रारंभिक चरण में सफलता भी मिल चुकी है।

वैज्ञानिक डाॅ मास्टाे ने बताया कि चूंकि यह बायाेलाॅजिकल रूप में आ रहा है, इसलिए इसे बायाे एथनाॅल कहते हैं। इसका उपयाेग सेनेटाइजर बनाने सहित अन्य कार्याें में हाे सकता है। फिलहाल इस पर काम शुरू ही हुआ है। एथनाॅल बनाने वाली टीम में काे-ऑर्डिनेटर आशीष मुखर्जी, प्राेजेक्ट लीडर वीए सेल्वी भी हैं।

2030 तक 35 प्रतिशत तक कार्बन कम करने का लक्ष्य

डाॅ मास्टाे ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक देश में कार्बन काे 30-35 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है। जैव ईंधन (बायाे फ्यूल्स) पर अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास सरकारी लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। जैव ईंधन को जीवाश्म ईंधन के कम कार्बन विकल्प के रूप में माना जा रहा है, क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन और संबंधित जलवायु परिवर्तन प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

कम नुकसान पहुंचाती है रीन्यूएबल एनर्जी

डाॅ मास्टाे ने बताया कि प्राकृतिक संसाधनाें से प्राप्त पारंपरिक ऊर्जा से रीन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) बेहतर है, जाे पर्यावरण काे भी कम नुकसान पहुंचाती है। साैर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्राे ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा आदि नवीकरणीय ऊर्जा ही हैं। इसी तरह बायाे ऊर्जा भी पाैधे, घास, पत्तियां, लकड़ी जानवर जैसे बायाेमास से मिलने वाले ऑर्गेनिक मैटर हैं। संस्थान की टीम इसी से बायाे मिथेन और बायाे एथनाॅल बनाने में जुटी है। परंपरागत ताैर पर देखें ताे एथनाॅल का उत्पादन गन्ने और स्टार्च युक्त फीडस्टॉक सामग्री से ही किया जाता है। लेकिन, ऐसे बेकार सामग्रियाें से एथनाॅल निर्माण आकर्षण का विषय है।

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