25 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस के भंडार का है अनुमान:मुनीडीह से गुजरात की कंपनी करेगी मिथेन का दाेहन, गेल की पाइपलाइन से देशभर में पहुंचेगी

धनबाद3 महीने पहलेलेखक: संजय मिश्रा
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समीरन दत्ता, सीएमडी, बीसीसीएल - Dainik Bhaskar
समीरन दत्ता, सीएमडी, बीसीसीएल

बीसीसीएल के मुनीडीह स्थित झरिया सीबीएम ब्लाॅक-1 से मिथेन गैस के उत्पादन की प्रक्रिया तेज हाे गई है। कंपनी ने माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर मोड में मिथेन के उत्पादन के लिए गुजरात की कंपनी प्रभा एनर्जी प्रालि.के साथ 30 वर्षाें का करार किया है।

इसके तहत उत्पादित मिथेन काे गेल गैस लिमिटेड की ऊर्जा गंगा पाइपलाइन के जरिए देश के किसी भी काेने में पहुंचाया जा सकेगा। यह पाइपलाइन मुनीडीह से महज 8 किमी की दूरी से गुजर रही है। काेल इंडिया में फिलहाल मिथेन गैस के दाेहन की तीन परियाेजनाओं काे शुरू करने की तैयारी चल रही है। बीसीसीएल का मुनीडीह प्राेजेक्ट पहला हाेगा।

ये 3 फायदे हाेंगे

हादसाें की आशंका शून्य होगी : मिथेन के दोहन के बाद खदान गैसीय माइन नहीं रहेगी। गैस का रिसाव और हादसाें की आशंका शून्य हाे जाएगी।

कंपनी का राजस्व बढ़ेग : मिथेन का दाेहन शुरू हाेने से बीसीसीएल काे आय का बड़ा स्रोत मिलेगा। कंपनी के राजस्व में वृद्धि हाेगी। आयात पर निर्भरता घटेगी।

पर्यावरण संरक्षण होगा : सीबीएम प्राेजेक्ट में कार्बन का उत्सर्जन नहीं हाेगा। क्लीन एनर्जी का उत्पादन हाेगा। यह ग्लोबल वार्मिंग रोकने में कारगर होगा।

एमडीओ मोड : बीसीसीएल जमीन सौंपेगी, लाभ में 10% हिस्सा मिलेगा
माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर मोड के तहत बीसीसीएल प्राेजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी। इस मद में काेयला कंपनी 368 कराेड़ खर्च करेगी। बाकी हर खर्च ठेका कंपनी काे करना है। इसमें उपकरण, मैनपावर, दाेहन से लेकर वितरण तक सारा शामिल है। प्राेजेक्ट के रेवेन्यू शेयरिंग काॅन्ट्रैक्ट के तहत प्राॅफिट में से 10 % बीसीसीएल काे मिलेगा।

प्री-फिजिब्लिटी रिपोर्ट को मंजरी
झरिया सीबीएम ब्लाॅक-1 से मिथेन उत्पादन शुरू करने के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट को बीसीसीएल बोर्ड ने मंजूरी दे दी थी। अब राज्य सरकार से पॉल्यूशन क्लियरेंस लेना हाेगा। फिर एक्सप्लोरेशन शुरू कर दिया जाएगा।

देशभर में सीबीएम के 15 ब्लॉक
2023-24 तक 50 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन का लक्ष्य है। 6 राज्यों में 8500 वर्ग किमी क्षेत्र में सीबीएम के 15 ब्लॉक की पहचान की गई। उनमें से 3 झारखंड में हैं- झरिया, बोकारो ईस्ट एंड वेस्ट व नाॅर्थ कर्णपुरा।

मिथेन गैस के दोहन को जोड़ा जाएगा पाइपलाइन से
मिथेन गैस को भविष्य में ऊर्जा गंगा पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। मिथेन गैस परियोजना बीसीसीएल के साथ कोल इंडिया की महत्वाकांक्षी परियाेजनाओं में से एक है। इससे कंपनी का राजस्व बढ़ेगा। ’ - समीरन दत्ता, सीएमडी, बीसीसीएल

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