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प्रसूताएं भी चपेट में:तीसरी लहर में धनबाद में पहली बार दो प्रसूताएं मिलीं कोरोना पॉजिटिव, मां संक्रमित, शिशु की रिपोर्ट निगेटिव दूसरी प्रसूता गंभीर, आईसीयू में भर्ती

धनबाद7 दिन पहले
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  • एक प्रसूता के नवजात की मौत, कोरोना जांच के लिए नहीं लिया गया सैंपल

काेराेना संक्रमण की तीसरी लहर में अब तक धनबाद से डेढ़ हजार से अधिक संक्रमितों की पहचान हाे चुकी है। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन तीसरी लहर में पहली बार प्रसूताएं भी संक्रमित मिली हैं। एसएनएमएमसीएच के स्त्री एवं प्रसव राेग विभाग के वार्ड में भर्ती बाघमारा की प्रसूता का 10 जनवरी काे प्रसव हुआ। उससे पहले महिला की काेविड जांच कराई गई थी। प्रसव के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

प्रसव के बाद गंभीर हालत में नवजात काे अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया लेकिन नवजात की माैत हाे गई। वहीं प्रसूता काे सांस लेने में परेशानी हाेने के बाद कैथलैब काेविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है।

महिला के पति ने बताया कि पत्नी काे वैक्सीन का दाेनाें डाेज लग चुका है। वहीं एसएनएमएमसीएच में ही प्रसव के लिए भर्ती कराई गई गिरिडीह की प्रसूता संक्रमित पाई गई है। महिला काे फिलहाल सामान्य मरीजाें से अलग वार्ड में रखकर निगरानी की जा रही है, जबकि प्रसव के बाद नवजात काे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है।

कोविड निगेटिव, पर बच्चे की हालत गंभीर
गिरिडीह की प्रसूता का 11 जनवरी काे अस्पताल में प्रसव हुअा। वह भी संक्रमित पाई गई। प्रसव के बाद नवजात की हालत गंभीर हुई ताे उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शुक्रवार काे नवजात का काेविड टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। देर शाम बच्चे की रिपाेर्ट निगेटिव पाई गई। एसएनसीयू के नाेडल पदाधिकारी डाॅ एबी शरण ने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है।

पूर्व की लहरों में 185 प्रसूताएं हुई थीं संक्रमित
संक्रमण काल में प्रसूताओं के लिए एसएसएलएनटी अस्पताल में वार्ड बनाया गया। अस्पताल अधीक्षक डाॅ जीतेश रंजन ने बताया कि यहां पहली लहर में 105 और दूसरी लहर में 80 प्रसूताओं
काे संक्रमित पाए जाने के बाद भर्ती कराया गया। संक्रमण के कारण एक भी प्रसूता की मृत्यु नहीं हुई थी। डाॅ जीतेश ने बताया कि संक्रमित प्रसूताओं के लिए अस्पताल तैयार है, लेकिन तीसरी लहर में अब तक एक भी मरीज काे भर्ती नहीं कराया गया है।

काेविड जांच के लिए सैंपल लेकर 2 से 5 दिन बाद भेजा जा रहा लैब, रिपोर्ट आने तक बेफिक्र अंदाज में घूम रहे लोग

काेराेना संक्रमण बढ़ा ताे जांच भी तेज कर दी गई। जिले के सभी प्रखंडाें में काेविड टेस्ट के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन इन प्रखंडाें से सैंपल जांच के लिए एसएनएमएमसीएच की माइक्राेबायाेलाॅजी लैब में कई दिनाें के बाद पहुंच रहे हैं। अधिकतर प्रखंडाें से जिस दिन सैंपल लिया जाता है, उस दिन लैब नहीं पहुंचाया जा रहा है। कहीं से दाे दिन के बाद ताे कहीं से तीन से चार दिन बाद सैंपल लैब तक पहुंच रहे हैं।

लिहाज टेस्ट रिपाेर्ट मिलने में देर हाे रही है। प्रखंडाें में भी जिसके सैंपल लिए जा रहे हैं, उन्हें दाे दिन के बाद रिपाेर्ट आने की जानकारी दी जा रही है। एसएनएमएमसीएच लैब से मिली रिपाेर्ट के अनुसार जिन प्रखंडाें में तीन जनवरी काे आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया, उन्हें लैब भेजा गया दाे दिन के बाद पांच जनवरी काे। यह सिलसिला एक दिन का नहीं लगभग हर राेज की रिपाेर्ट में प्रखंडाें से जांच के लिए भेजा जा रहा है। वहीं लैब के चिकित्सकाें का कहना है कि सैंपल आने के बाद अगले दिन टेस्टिंग में लगाया जाता है और शाम काे रिपाेर्ट दे दी जाती है। मतलब सैंपल लेने के बाद जांच रिपाेर्ट मिलने तक चार से पांच दिन का समय लग रहा है।

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