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भास्कर स्टिंग:धनबाद में 2500 रुपए में बिक रहा है काेराेना टीकाकरण कैंप

धनबाद7 दिन पहलेलेखक: कन्हैया सिंह/जीतेंद्र कुमार
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500 रुपए जेब में रखते मुक्ति - Dainik Bhaskar
500 रुपए जेब में रखते मुक्ति
  • नगर निगम चुनाव के लिए दावेदार अपने इलाकाें में मतदाताओं काे लुभाने के लिए लगवा रहे कैंप
  • ब्लॉक ट्रेनिंग ट्रेनर ने रिपाेर्टर से कहा, आप तो पैसे दीजिए, कहीं भी लगवा देंगे वैक्सिनेशन कैंप

धनबाद में अब काेराेना टीकाकरण कैंप भी बिक रहा है। बस आपकाे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के ब्लाॅक ट्रेनिंग ट्रेनर काे एक दिन के कैंप के लिए 2500 रुपए देने हाेंगे। दरअसल, यहां नगर निगम का चुनाव हाेने वाला है। सभी दावेदार मतदाताओं काे लुभाने के लिए अपने इलाके में कैंप लगवाना चाहते हैं।ऐसे में यह धंधा खुलेआम चल रहा। सूचना मिलने पर भास्कर के रिपाेर्टर ने सच जानने के लिए धनबाद सीएचसी में ब्लाॅक ट्रेनिंग ट्रेनर मुक्ति रंजन दास से संपर्क किया।

खुद काे निगम चुनाव में पार्षद प्रत्याशी बताते हुए ठाकुरकुल्ही तालाब के किनारे टीकाकरण कैंप लगाने काे कहा। दास तुरंत तैयार हाे गए। कहा- कहीं भी टीकाकरण कैंप लगा देंगे। इसके लिए 2500 रुपए देने हाेंगे। उन्हाेंने एडवांस के रूप में मिठाई के नाम पर 500 रुपए लेते हुए 14 सितंबर काे कैंप लगाने का भराेसा दिया। उन्हाेंने कहा-नगर निगम चुनाव से पहले दावेदार अपने इलाके के लिए टीकाकरण कैंप खरीद रहे हैं। निगम क्षेत्र के कई पूर्व पार्षद और दावेदार उनके संपर्क में हैं।

रिपोर्टर: कैंप लगाने के लिए क्या करना होगा?

मुक्ति: एक डायरी पर 2500 रुपए लिखा, कहा-भुईंफोड़ मंदिर से लेकर सिजुआ तक मेरा एरिया है

रिपाेर्टर: चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। कई वार्ड से प्रत्याशी उतारेंगे। लाेगाें काे लुभाने के लिए टीकाकरण कैंप लगाना है।
मुक्ति (ब्लॉक ट्रेनिंग ट्रेनर): लग जाएगा, कहां कैंप लगाना है?

रिपोर्टर: ठाकुरकुल्ही तालाब किनारे स्थित मंदिर से शुरू करेंगे। फिर कुस्तौर, केंदुआ और कई जगहों पर लगवाना है।
मुक्ति: भुईंफोड़ मंदिर से लेकर सिजुआ तक मेरे एरिया में है, कहीं भी लगवा देंगे। ठाकुरकुल्ही में मंगलवार को कैंप लगवा देते हैं, अपना नंबर दीजिए।
(इसी बीच उसके माेबाइल पर एक फोन आता है। उधर से कुछ पूछने पर जवाब दिया-काम हो जाएगा।)

रिपोर्टर: किसका फोन था?
मुक्ति: भूली से पार्षद ने फोन किया था कैंप के लिए, सब पार्षद हमको ही फोन कर रहे हैं कैंप लगवाने के लिए।

रिपोर्टर: अब बताइए कैंप के लिए क्या करना होगा, कितना लगेगा?
(एक डायरी पर लिख कर दिखाता है 2500)

रिपोर्टर: एक दिन के कैंप के लिए 2500 रुपए देना है?
मुक्ति : हां।

रिपोर्टर:और भी किसी को पैसा देना होता है क्या?
मुक्ति: मेन तो हम ही करते हैं, पर दो और लोगों को देना पड़ता है।

रिपोर्टर: कैंप लगने से पहले पैसा मिल जाएगा आपको, तब तक कुछ रख लीजिए।
मुक्ति: उसकी क्या जरूरत है। (फिर रिपोर्टर द्वारा दिया गया 500 रुपए का नोट लेकर जेब में रख लेता है)

रिपोर्टर: अगर किसी अपार्टमेंट में वैक्सिनेशन कैंप लगवाना हो तो लग जाएगा क्या?
मुक्ति: अपार्टमेंट का नाम देना ठीक नहीं, पर उसके आसपास कहीं सामुदायिक जगह हो तो लग जाएगा। हां, आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा, कैंप कहीं भी लगवा देंगे।

बीडीओ, बीपीएम की सलाह से चिकित्सा अधिकारी तय करते हैं
जिले में प्रखंड स्तर पर टीकाकरण केंद्र बनाए जाते हैं। उस प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी काे हर राेज टीकाकरण केंद्र तय करना है। केंद्र कहां बनाया जा सकता है, इसके लिए चिकित्सा पदाधिकारी काे ब्लाॅक प्राेग्राम मैनेजर (बीपीएम), प्रखंड के बीडीओ, पार्षद या पंचायत प्रतिनिधि से मंतव्य लेना है। इसके बाद ही टीकाकरण केंद्र का निर्धारण किया जाना है, लेकिन धनबाद सीएचसी में कहां कैंप लगेगा, यह बीटीटी मुक्ति रंजन दास तय करते हैं।

चिकित्सा पदाधिकारी बोले- मुझे इस गड़बड़ी की जानकारी नहीं

सीएचसी धनबाद के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. सुनील कुमार ने बताया कि टीकाकरण कैंप लगाने के लिए बीटीटी का पैसा लेना गलत है। उन्हें जानकारी नहीं है। उनकी माैजूदगी में ही टीकाकरण केंद्र बनाए जाते हैं।