काॅमर्शियल माइनिंग / कोयला सचिव के साथ वार्ता विफल, कल से तीन दिवसीय हड़ताल पर अड़ीं यूनियनें

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  • सचिव ने देश के लिए जरूरी बताया, यूनियनाें ने मजदूर विराेधी कहा
  • बीएमएस, एचएमएस, एटक और सीटू के नेता हुए वार्ता में शामिल

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:55 AM IST

धनबाद. काॅमर्शियल माइनिंग के खिलाफ काेल इंडिया में 2 जुलाई से आहूत तीन दिवसीय हड़ताल के मुद्दे पर काेयला सचिव और ट्रेड यूनियनाें के बीच मंगलवार काे हुई वार्ता विफल हाे गई। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग से हुई वार्ता में काेयला सचिव अनिल कुमार जैन ने हड़ताल नहीं करने का अनुराेध किया। यूनियन प्रतिनिधियाें ने ठुकरा दिया। कहा कि अब हड़ताल तय है। काॅमर्शियल माइनिंग का फैसला वापस हाेने के बाद ही इसे टालने पर विचार हाे सकेगा। दाे घंटे तक चली वार्ता में काेयला सचिव ने काॅमर्शियल माइनिंग काे देश के लिए जरूरी बताया।

उन्हाेंने यूनियन प्रतिनिधियाें की बातें सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। वहीं, यूनियन नेताओं ने इस फैसले काे राष्ट्र और मजदूराें के खिलाफ बताया। वार्ता में काेयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव, काेल इंडिया चेयरमैन प्रमाेद अग्रवाल, डीपी आरपी श्रीवास्तव, बीएमएस के डाॅ. बसंत राय, एचएमएस के नाथूलाल पांडेय, एटक के रमेंद्र कुमार और सीटू के डीडी रामानंदन शामिल थे। गाैरतलब है कि ट्रेड यूनियनाें ने काॅमर्शियल माइनिंग समेत पांच मुद्दाें पर 2 से 4 जुलाई तक काेयला उद्याेग में तीन दिवसीय हड़ताल की घाेषणा की है।

साैहार्दपूर्ण माहाैल में वार्ता हुई। काेयला सचिव ने हड़ताल वापस लेने का अनुराेध किया। इसे केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला बताते हुए यूनियन की बाताें काे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। वहीं, यूनियन प्रतिनिधिओं ने काॅमर्शियल माइनिंग के फैसले काे वापस लेने की मांग की।’’
डाॅ. बसंत कुमार राय, बीएमएस

सचिव से काॅमर्शियल माइनिंग का फैसला वापस लेने काे कहा गया। हमने कहा कि सरकार काॅमर्शियल माइनिंग लागू करने के बजाय काेल इंडिया काे मजबूत करे। सचिव ने यूनियन की बातें सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। लेकिन, सरकार गंभीर नहीं है। उसे मजदूराें की चिंता नहीं है।’’
नाथूलाल पांडेय, एचएमएस

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