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खेल के साथ खेल:न एयरपोर्ट बना, न जमीन मिली; धनबाद से फिसला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

धनबाद19 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • अफसरों व जनप्रतिनिधियों की चुप्पी इस बार खेल जगत पर पड़ी भारी

एम्स और एयरपोर्ट के बाद अब धनबाद के हाथों से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी फिसल गया। धनबाद में स्टेडियम के निर्माण के लिए झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) और धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) वर्ष 2014 से धनबाद के आला अधिकारी व जनप्रतिनिधियों से 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध करते रहे, परंतु नहीं मिली। अंतत: जो स्टेडियम धनबाद में प्रस्तावित था, वह जमीन के अभाव में बोकारो का बालीडीह चला गया।

अगर यह स्टेडियम धनबाद को मिलता, तो यहां क्रिकेट के आधारभूत संरचनाओं का विकास होता ही, अंतरराष्ट्रीय मैच भी मिलते। इससे धनबाद को भारी राजस्व मिलता। साथ ही शहर के विकास में भी स्टेडियम धुरी बन जाता। रांची की तर्ज पर आईपीएल मैच भी हासिल होते। जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम को लेकर राज्य में रिक्तता आई है, उसकी धनबाद से भरपाई संभव हो पाती। स्टेडियम के निर्माण से धनबाद में भविष्य में हवाईअड्डे व फाइव स्टार होटल के निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाता, क्योंकि जहां इंटरनेशनल स्टेडियम बनाए जाते हैं, वहां हवाईअड्डा व फाइव स्टार होटल का निर्माण शर्तों में शामिल होता है।

जेएससीए अध्यक्ष ने डीसी को पत्र लिख कहा था- 20 एकड़ जमीन लीज पर दे दें, हम खुद से ही बना लेंगे स्टेडियम

26 मई 2014 को जेएससीए अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने धनबाद के तत्कालीन डीसी प्रशांत कुमार को पत्र लिखकर स्टेडियम निर्माण के लिए जिले में कहीं भी लीज पर 20 एकड़ जमीन मांगी थी। चौधरी ने पत्र में कहा था कि अगर जमीन मुहैया हो जाती है तो रांची की तरह से कम समय पर ही स्टेडियम का निर्माण हो जाएगा और फिर अंतरराष्ट्रीय मैच भी हासिल हो जाएंगे। अभी मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद व बेंगलुरु में ज्यादा आईपीएल मैच हो रहे हैं। अगर झारखंड में रांची के बाद धनबाद में स्टेडियम बन जाएगा तो राज्य को ज्यादा मैच मिल सकेंगे। इसके अलावा बीसीसीआई के घरेलू मैचों के लिए भी एक अन्य विकल्प सामने होगा। स्टेडियम निर्माण का खर्च जेएससीए उठाएगा।

पंडुकी में जमीन का पेच खत्म नहीं कर सके गोविंदपुर सीओ

जेएससीए के पत्र के बाद डीसी ने गोविंदपुर सीओ को निर्देश दिया था कि वे पंडुकी में 20 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर अवगत कराएं। सीओ व डीसीए के पदाधिकारियों ने पंडुकी में संबंधित जमीन का मुआयना भी किया और स्टेडियम निर्माण के लिए भी उपयुक्त बताया। इसके बाद सीओ ने रिपोर्ट दे दी कि उस जमीन में कुछ पेंच है। इसके बाद यह प्रस्ताव जिला प्रशासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया।

जनप्रतिनिधियों ने भी पहल की होती तो अपना स्टेडियम होता

डीसीए अध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि बोकारो विधायक विरंची नारायण की तत्परता से बोकारो को स्टेडियम मिला। ऐसी तत्परता धनबाद के जनप्रतिनिधियों ने दिखाई होती तो जमीन भी मिल जाती और आज स्टेडियम भी खड़ा मिलता। अनुरोध के बावजूद जनप्रतिनिधियों से भी दखल की पहल नहीं की।

झारखंड को एक और इंटरनेशनल स्टेडियम मिलने वाला है, यह खुशी की बात है। इससे प्लेयरों को भी फायदा है। यह शुरुआत है। भविष्य में धनबाद को भी स्टेडियम मिलने की उम्मीद क्रिकेटरों को है।
शाहबाज नदीम, इंटरनेशनल क्रिकेटर

जमीन के लिए डीसीए ने कई बार रिमाइंडर भेजा, परंतु मदद नहीं मिली। स्टेडियम बनने पर धनबाद की आर्थिक ताकत भी बढ़ती ही, खुद व खुद यहां हवाईअड्डा व फाइव स्टार होटल खुलने का रास्ता साफ हो जाता।

विनय सिंह, महासचिव, डीसीए

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