भास्कर खास:अब एशियन हाइवे-1 के नाम से जाना जाएगा जीटी रोड, सीसीटीवी से निगरानी, हर 20 किमी में कंट्रोल रूम, ड्राइवराें के लिए रेस्ट एरिया जोन

धनबाद8 महीने पहले
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  • बरवाअड्डा से निमियाघाट के बीच बनेंगे कंट्रोल रूम, हर 2 किमी में इमरजेंसी पीसीओ बूथ

जीटी राेड, जाे एनएच-2 के नाम से जानी जाती थी, अब एनएच-19 एएच-1 के नाम से जानी जाएगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसका नाम बदल दिया है। एनएचआई धनबाद क्षेत्र के पीडीआई सुधीर कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीकी पर आधारित इस सड़क काे एशियन हाइवे-1 की शृंखला में शामिल किया गया है।

एशियन हाइवे-1 में पूर्वाेत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत की कई सड़काें काे शामिल किया गया है, उनमें एनएच-19 भी है। एनएचएआई प्रबंधन के अनुसार 6 लेन की इस सड़क की सबसे बड़ी विशेषता है कि बंगाल की डानकुनी, दुर्गापुर से लेकर नई दिल्ली तक हर 3-4 किमी पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।

सीसीटीवी की माॅनिटरिंग के लिए हर 20 किमी पर एक कंट्राेल रूम हाेगा, जिससे वाहनाें के परिचालन पर नजर रखी जाएगी। धनबाद के बरवाअड्डा से लेकर निमियाघाट तक दाे जगहाें पर सीसीटीवी कैमरों का कंट्राेल रूम काम करेगा। वहीं हर दाे किमी पर पीसीओ की व्यवस्था हाेगी। पीसीओ से काॅल करते ही सहायता के लिए हाइवे पेट्राेलिंग पार्टी संबंधित स्थान पर पहुंच जाएगी।

पूर्वाेत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत की 12 सड़कें एएच-1 में शामिल

एशियन हाइवे-1 में एशिया के जापान, दक्षिण काेरिया, उत्तर काेरिया, चीन, हांगकांग, वियतनाम, थाइलैंड, मयन्मार, भारत और बांग्लादेश की विभिन्न सड़काें काे रखा गया है। एनएचआई प्रबंधन के अनुसार पूर्वाेत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत की 11-12 सड़काें काे एशियन हाइवे में शामिल किया गया है। इसमें बंगाल की डानकुनी, दुर्गापुर, आसनसाेल, धनबाद, बरही, माेहनिया, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा से हाेते हुए नई दिल्ली तक जाने वाली सड़क एनएच-19 भी है।

कोरोना के कारण 2021 में पूरी होगी 6 लेन सड़क

धनबाद के बरवाअड्डा से खैराकुुंडा निमियाघाट तक की 40-42 किमी सड़क का निर्माण अशाेक बिल्डकॉन कंपनी कर रही है। कंपनी के महाप्रबंधक गणेश कुमार का कहना है कि एनएचएआई की गाइडलाइन के आधार पर सड़क निर्माण में गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। 40 किमी में 10 जगहाें पर ओवरब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। सड़क निर्माण का काम 2020 में ही पूरा कर लेेना था, काेराेना महामारी के कारण इसका काम 2021 तक पूरा हाे पाएगा।

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