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देखो, क्या अंजाम होता है:इनमें दो जेल में तो तीसरा भागा-भागा फिर रहा, परिवार भी बर्बादी की कगार पर

धनबाद6 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • भास्कर पहुंचा उन 3 युवकों के घर, जो 10-10 हजार के लिए बन गए शूटर
  • खतरनाक ट्रेंड- धनबाद में हत्याओं के लिए पहले यूपी के शूटर आते थे, पर अब मौज-मस्ती के लिए पैसों की चाहत में लोकल ब्वॉय बन रहे हत्यारे

पिस्टल हमारी...बाइक में मेरे साथ बैठो और जिसे कहता हूं, उसे गोली मार दो। फिर फौरन 10 हजार रुपए ले लो। धनबाद में हाल में इस खतरनाक फॉर्मूले ने कई युवकों को शूटर बना दिया है। मौज-मस्ती के लिए पैसों की चाहत ने वे ऐसा करने लगे। अब ऐसे युवक जेल में सिर्फ सुबकने को मजबूर हैं या फिर अपनी जान बचाने के लिए भागे-भागे फिर रहे हैं।

वहीं उनके परिवार दिन-रात बेबसी के आंसू बहा रहे हैं। भास्कर तीन ऐसे परिवारों तक पहुंचा, जिनके अपने शूटर बन गए। बार-बार घर में पुलिस के पहुंचने की जिल्लत पर दो परिवारों ने बेटों को संपत्ति से बेदखल कर दिया है।

पैसों के लिए अफसर का इकलौता बेटा बना शूटर, अब जेल में, परिजन घर में कैद
बेटा खुद डूबा ही और परिवार की इज्जत भी डुबो दी

टाटा के रिटायर्ड इंजीनियर अभिजीत सेनगुप्ता का इकलौता बेटा विमान। एक केस में जेल पहुंचा तो वहां अमन सिंह ने उसे पैसे कमाने के गुर बताए। जब छूटा तो अमन सेे 10 हजार देकर उससे आउटसोर्सिंग प्रबंधक पर गोली चलवा दी। इधर, परिवार की इज्जत पर बट्‌टा लगा तो पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया। जानिए...कैसे एक संपन्न परिवार का इकलौता बेटा 10 हजार के लिए शूटर बनकर अपनी व परिवार की बर्बादी अपने हाथों लिख दी।

डिगवाडीह 12 नंबर ऑफिसर्स कॉलोनी में विमान का घर है। एक अविवाहित बहन है। युवा होने से पहले विमान प्रेम में एक युवती से शादी रचा ली। बाद में विमान की हरकतों से आजिज आकर पिता ने उसे और उसकी पत्नी को घर से निकाल दिया। उसने अपराध की राह पकड़ ली। पहली बार चोरी के एक केस में जेल गया तो अमन से मुलाकात हुई। अमन ने उसे शीशे में उतार लिया। बेल मिलने पर अमन से 10 हजार रुपए लेकर डेको आउटसोर्सिंग के प्रबंधक मधु सिंह पर उसने गोली चला ली। विमान फिर जेल पहुंच गया। अब वह बार-बार गलती नहीं दुहराने की फरियाद कर रहा है। इधर, उसकी करतूत ने उसके परिजनों के हिस्से में सिर्फ सिसकियां ही बची हैं।

माता-पिता को मालूम ही नहीं चला कि बेटा राजकुमार कब बन गया भोला शूटर
राजकुमार अब सलाखों में, परिवार कहीं का नहीं रहा

मामूली परिवार का मामूली लड़का, परंतु चढ़ती उम्र में शौक भी ऊंचे पाल लिए। पल्ले पैसे कम पड़े तो पहली बार छिनतई की। जेल गया तो वहां अपराधी अमन सिंह व आशीष रंजन से प्रभावित हो गया। जब बाहर निकला तो अमन व आशीष के कहने पर सिर्फ 10 हजार लेकर वासेपुर के लालाकी हत्या कर दी। भोला अब जेल में है और बाहर परिजनों की सिर्फ सिसकियां बची हैं। जानिए... राजकुमार कैसे भोला शूटर बना और अब परिवार किस हाल में है।

झरिया के चौथाईकुल्ही में इंदिरानगर में मकान है राजकुमार का। पिता सहदेव ठाकुर हज्जाम है। पिता ने मामूली कमाई के बावजूद राजकुमार को राजकुमार की ही तरह पाला। जब राजकुमार के शौक बढ़े तो पिता की कमाई कम पड़ने लगी। छिनतई के एक केस में जमानत मिलने के बाद आशीष ने क्राइम ट्रायल का हवाला देकर 10 हजार देकर अपने साथ उसे भी लाला हत्याकांड में शामिल कर लिया। पिता उस समय रो पड़े, जब पुलिस उसके घर पहुंची और बताया कि उसका बेटा भोला शूटर बन चुका है। बेटे की हरकत से परिवार अब कहीं का नहीं रह गया।

बेटा शूटर बना, रोज घर पहुंचती पुलिस को देखकर सिहर जाते हैं उनके परिजन
भागा फिर रहा आशीष, पिता ने संपत्ति से किया बेदखल

आशीष रंजन। होनहार छात्र, पर बुरी संगत ने ऐसा असर डाला कि सिर्फ 10 हजार रुपए लेकर उसने एक हत्या कर दी। जेल पहुंचा तो अमन से भेंट हुई। अमन ने उसे धनबाद में साम्राज्य चलाने का सपना दिखाया तो वह बाहर निकलने के बाद एक और हत्या कर अब भागा-भागा फिर रहा। वहीं परिजन दिन-रात घर में पहुंचती पुलिस और बदनामी से आहत हैं। जानिए...एक होनहार कैसे वांटेड शूटर बना और अब उसका परिवार उसकी परछाई से भी भागने को मजबूर है।

हीरापुर जेसी मल्लिक रोड में नेपाल काली मंदिर के पास आशीष का घर है। स्नातक के बाद प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाला होनहार छात्र था, पर बुरी संगत में पड़कर महंगे शौक पालने लगा। इसी बीच गांधी नामक एक युवक ने उसे 10 हजार की गड्डी दिखाकर जमीन कारोबारी समीर मंडल को गोली मारने का ऑफर दिया तो वह झट से तैयार हो गया। हत्या कर जेल पहुंचा तो अमन ने उसे पाले में कर लिया। तीन माह बाद बाहर निकला तो अमन के लिए बाहर रंगदारी मांगने लगा। फिर भोला के साथ मिल लाला खान को मार डाला। अब आशीष पुलिस से जान बचाने के लिए भागा-भागा फिर रहा है। वहीं परिवार ने जिल्लत के कारण उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया है।

शौकों को पूरा करने के लिए शॉर्टकट ही क्राइम

गलत संगत और शौक पूरे करने के लिए युवाओं का झुकाव एंटी साेशल एक्टीविटी की ओर हो रहा है। ऐसे मामलाें में कहीं न कहीं अभिभावकाें का भी दाेष है।

प्राे आरएस यादव, मनाेवैज्ञानिक

क्राइम करने से पहले परिवार के बारे में सोचें

पैसा कमाने के लिए अपराध के प्रति आकर्षित हाे रहे युवाओं के लिए बस इतना ही कहना है कि अपराध करने से पहले अपने परिवार के बारे में साेचें।

असीम विक्रांत मिंज, एसएसपी

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